दिल्ली कांड से हो जाएं सचेत! घर बैठे 50 रुपए में होता है नौकर का वैरिफिकेशन, जानिए पूरी प्रक्रिया
दिल्ली में एक आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या और लूट के मामले ने घरेलू नौकरों के पुलिस सत्यापन (Verification) की अनिवार्यता को फिर से चर्चा में ला दिया है। उत्तर प्रदेश में मात्र 50 रुपये की फीस देकर घर बैठे सत्यापन कराया जा सकता है।

दिल्ली की अमर कालोनी कैलाश हिल्स में वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की रेप के बाद हत्या की वारदात ने सभी को हिलाकर रख दिया है। हत्यारोपी ने घर में लूटपाट भी की थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया तो सभी चौंक गए। पता चला कि आईआरएस अधिकारी ने आठ माह पूर्व जिस नौकर राहुल मीणा को बिना पुलिस से सत्यापन कराए रखा था उसी ने वारदात को अंजाम दिया है। यह कोई पहली घटना नहीं है। इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां बिना सत्यापन रखे गए नौकर ही हत्या, लूटपाट और चोरी जैसी वारदात को अंजाम दे चुके हैं। जबकि कोई भी आसानी से घर बैठे ऑनलाइन या पुलिस स्टेशन जाकर ऑफलाइन आवेदन करके नौकर का वैरिफेकिशन करा सकता है।
मुरादाबाद महानगर हो या यूपी का कोई शहर, लगभग सभी बड़ी सोसायटी, कालोनियों और कोठियों में रहने वालों ने अपने परिवार में घरेलू सहायक(नौकर) रख रखे हैं। इनकी संख्या हजारों में है। लेकिन इनमें से इक्का-दुक्का नौकरों का ही सत्यापन हुआ है। जबकि प्रत्येक थाने में घरेलू सहायक और किरायेदार के सत्यापन के लिए रजिस्टर बनाए गए हैं। इसके बाद भी लोग समय और चंद पैसों की बचत के चक्कर में नौकर का पुलिस सत्यापन नहीं कराते हैं।
मात्र 50 रुपये फीस में घर बैठे होता है पुलिस वेरिफिकेशन
घरेलू नौकर का पुलिस वेरिफिकेशन कराने के लिए अब थाने के चक्कर नहीं काटने पड़ते। आईए जानते हैं कैसे घर बैठे मकान मालिक ऑनलाइन आवेदन करके 50 रुपये फीस देकर नौकर का सत्यापन करा सकता है।
1-इसके लिए सबसे पहले यूपी पुलिस की वेबसाइट या यूपीकॉप मोबाइल ऐप पर जाना होगा।
2-यहां आपको होम पेज खोलते ही सीटीजन सर्विस(नागरिक सेवा) विकल्प को क्लिक करना होगा।
3-इस सीटीजन सर्विस में आपको डोमेस्टिक हेल्प वेरिफिकेशन विकल्प को चुनना है।
4-इस विकल्प को चुनते ही आपके सामने एक पेज खुलेगा जो असल में ऑनलाइन आवेदन फार्म है।
5-इस फार्म को भरकर आप नौकर द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज को भी अटैच करेंगे। बस हो गया आवेदन।
6-इस आवेदन के बाद यदि नौकर जिले का है तो पांच दिन और जिले से बाहर का है तो 15 दिन के अंदर उसका पुलिस सत्यापन हो जाएगा।
7-दूसरे राज्य का नौकर है तो सत्यापन में बीस दिन का समय लगता है।
8-आफलाइन के लिए अपने थाने पर सूचना देनी होती है। इस सूचना के बाद थाने से संबंधित क्षेत्र के दरोगा और बीट सिपाही उस नौकर का सत्यापन करते हैं।
कई घटना हो चुकी हैं मुरादाबाद में
घरेलू नौकर द्वारा वारदात के कई मामले मुरादाबाद में सामने आ चुके हैं। बीते साल मई 2025 में सिविल लाइंस के पॉश कालोनी में नौकर ने कारोबारी की वृद्धा मां की हत्या कर दी थी। इसके अलावा कोतवाली क्षेत्र में कपड़ा व्यापारी का दस साल पुराना नौकर 6.75 लाख रुपये चोरी कर फरार हो गया था। दोनों मामलों में नौकर का पुलिस सत्यापन नहीं हुआ था। हर बार पुलिस ने जब जांच की तो वारदातों के शिकार हुए लोग नौकरों का पता तक नहीं बता पाए थे।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के अनुसार कई आपराधिक गतिविधियों में घरेलू सहायक या नौकर की भूमिका सामने आती रही है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को चाहिए कि नौकर रखने से पहले उसका पुलिस सत्यापन जरूर करा लें। सत्यापन की प्रक्रिया बहुत ही आसान है। विभिन्न बैठकों में पुलिस की ओर से लोगों को इस संबंध में जागरूक भी किया जा रहा है। इसके बाद भी लोग लापरवाही बरतते हैं।




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