एसडीएम का ड्राइवर एक लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार, गोरक्षा दल के अध्यक्ष से मांगा था घूस
मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने बागपत की खेकड़ा तहसील में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम के निजी ड्राइवर निशु त्यागी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने गोरक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्की नंबरदार से घूस मांगा था।

UP News: मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने एसडीएम खेकड़ा के निजी ड्राइवर को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी ने गोरक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष से कुर्रेबंदी का मुकदमा पक्ष में कराने के लिए रिश्वत ली थी। टीम ने आरोपी को खेकड़ा पुलिस के सुपुर्द कर दिया। टीम इंचार्ज ने ड्राइवर के खिलाफ तहरीर दी है। कार्रवाई से तहसील में हड़कंप मचा रहा।
गोरक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्की नंबरदार भगौट गांव के रहने वाले हैं। एसडीएम की अदालत में उनका 2021 से कुर्रेबंदी का मुकदमा चल रहा है। अक्की ने बताया कि कुर्रेबंदी से संबंधित रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराया जा चुका है फिर भी फैसले में देरी हो रही है। दो सप्ताह पहले एसडीएम के निजी ड्राइवर निशु त्यागी ने उनसे संपर्क कर दो लाख रुपये में मुकदमे का फैसला उनके पक्ष में कराने को कहा। इसके बाद एक लाख में सौदा तय हो गया।
अक्की ने मेरठ एंटी करप्शन टीम को सूचना दी। सोमवार को एंटी करप्शन टीम ने अक्की को पाउडर लगे एक लाख रुपये दिए। अक्की रुपये लेकर तहसील पहुंचा। उसने जैसे ही रुपये ड्राइवर निशु त्यागी को दिए एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया और रुपये कब्जे में ले लिए। टीम उसे लेकर खेकड़ा कोतवाली पहुंची। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
ड्राइवर पर रिश्वत के पहले भी लगते रहे हैं आरोप
निशु त्यागी पर एसडीएम का निजी ड्राइवर बनने के बाद से रिश्वत लेने के आरोप लगते रहे हैं। उच्चाधिकारियों से शिकायत भी होती रही है। गत वर्ष हसनपुर मसूरी गांव के रविंद्र की जेसीबी पकड़े जाने के मामले ने काफी तूल पकड़ा था। तब हसनपुर मसूरी गांव के लोगों ने 22 सितंबर 2025 को तहसील पर निशु त्यागी के खिलाफ धरना दिया था। उनका आरोप था कि निशु त्यागी जेसीबी को छोड़ने के नाम पर 50 हजार रुपये मांग रहा है। एसडीएम ने धरने के बाद भी उसे नौकरी से नहीं हटाया था।
आरोपी ने फरार होने का भी किया प्रयास
एंटी करप्शन टीम ने जैसे ही निशु त्यागी को रिश्वत के रुपयों के साथ पकड़ा, उसने फरार होने का प्रयास किया, लेकिन टीम की घेराबंदी के चलते वह भाग नहीं पाया।




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