दोनों हाथ-पैर टूटे, मुंह से खून, बच्ची की जघन्य हत्या करने वाले दरिंदे को सजा-ए-मौत
प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने सोरांव इलाके में 8 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और जघन्य हत्या के मामले में दोषी मुकेश पटेल को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपराध को 'विरल से विरलतम' (Rare of Rarest) श्रेणी का मानते हुए दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

UP News: प्रयागराज के सोरांव इलाके में करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई आठ वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी मुकेश पटेल को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने दिया। इसके साथ ही दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने कहा कि अपराध अत्यंत जघन्य और समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला है इसलिए आरोपी को मृत्युदंड की सजा दी जाती है, जिसका अर्थ है कि उसे फांसी पर लटकाया जाए जिससे उसकी मृत्यु हो जाएगी। यह फैसला घटना के 18 महीने के अंदर सुनाया गया।
अदालत ने मृतका के परिवार को तत्काल राहत के रूप में जिला विधि सेवा प्राधिकरण, प्रयागराज के माध्यम से दो लाख रुपये तक का मुआवजा देने के निर्देश दिया तथा कहा कि यह मुआवजा दोषी पर लगाए गए जुर्माने के अतिरिक्त होगा। अदालत ने जांच एजेंसी और अभियोजन पक्ष की भी सराहना की, क्योंकि मामला अपेक्षाकृत तेजी से निपटाया गया। कोर्ट ने यह फैसला विशेष लोक अभियोजक विनय त्रिपाठी एव आरोपी के अधिवक्ता को सुनकर और उपलब्ध सबूतों के अवलोकन के बाद दिया।
यह हुई थी घटना
मामला सोरांव थानाक्षेत्र का है। तीन अक्तूबर 2024 की शाम करीब 6:30 बजे शिवगढ़ चौराहे के पास लगे दुर्गा पूजा पंडाल में गई आठ वर्षीय बच्ची घर लौटते समय लापता हो गई थी। अगले दिन 4 अक्तूबर 2024 को बच्ची का शव गांव के मुन्ना पहलवान के धान के खेत में नग्न अवस्था में मिला। शव पर अत्यधिक क्रूरता के निशान थे। बच्ची के दोनों हाथ-पैर और सारे दांत टूटे थे, मुंह से खून-झाग निकल रहा था तथा निजी अंग क्षतिग्रस्त था। पोस्टमॉर्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। पीड़िता की मां ने तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी मुकेश पटेल ने बच्ची के साथ बलात्कार कर क्रूरता से हत्या कर दी।
गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी मुकेश पटेल की पहचान और गिरफ्तारी हुई। जांच में यह सिद्ध हुआ कि आरोपी ने हत्या, बलात्कार और गंभीर यौन उत्पीड़न जैसे जघन्य अपराध किए हैं। जांच में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी हुई और 10 दिसंबर 2024 को आरोप-पत्र दाखिल किया गया। अदालत ने 21 दिसंबर 2024 को आरोप तय किए और साक्ष्य परीक्षण पूरा होने के बाद 26 मार्च 2026 को दोषसिद्धि सुनाई और 30 मार्च 2026 को दंडादेश पारित किया गया ।
इन धाराओं में ठहराया दोषी
अदालत ने सोरांव के ही रहने वाले 25 वर्षीय मुकेश पटेल को बीएनएस की धारा 103(1) व 65(2), पॉक्सो अधिनियम 2012 की धारा 5(एम)/6 तथा SC/ST अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत दोषी ठहराया।




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