another question has arisen regarding smart electricity meters in up as check meter readings raise suspicion यूपी : बिजली के स्मार्ट और पुराने मीटरों की रीडिंग में पाया गया अंतर, उपभाेक्ता परिषद ने उठाई ये मांग, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी : बिजली के स्मार्ट और पुराने मीटरों की रीडिंग में पाया गया अंतर, उपभाेक्ता परिषद ने उठाई ये मांग

केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा है। केंद्र सरकार ने जब योजना की स्वीकृति दी थी, तब यह तय किया गया था कि पुराने में 5 प्रतिशत मीटर बदलते वक्त लगे रहने दिए जाएंगे। इन मीटरों की रीडिंग का मिलान स्मार्ट मीटरों से किया जाना था।

Sun, 17 May 2026 03:30 PMAjay Singh रोहित मिश्र, लखनऊ
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यूपी : बिजली के स्मार्ट और पुराने मीटरों की रीडिंग में पाया गया अंतर, उपभाेक्ता परिषद ने उठाई ये मांग

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में घरों से उतारे जा रहे चेक मीटरों और स्मार्ट मीटरों की रीडिंग में अंतर पाया गया है। कुछ में थोड़ा तो कई उपभोक्ताओं के यहां दो प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। घरों में लगे पुराने मीटरों को जब बदलकर स्मार्ट मीटर लगाया गया था, तब कुछ घरों में पुराने मीटर चेक मीटर के तौर पर लगे रहने दिए गए थे। अब उनको उतारने की प्रक्रिया चल रही है। बीते कुछ दिनों में उतारे गए चेक मीटरों की रीडिंग का मिलान जब स्मार्ट मीटर से किया गया तो स्मार्ट मीटरों की रीडिंग बढ़ी पाई गई है।

केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत घरों में लगे पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा है। केंद्र सरकार ने जब योजना की स्वीकृति दी थी, तब यह तय किया गया था कि पुराने में पांच प्रतिशत मीटर बदलते वक्त लगे रहने दिए जाएंगे। इन मीटरों की रीडिंग का मिलान स्मार्ट मीटरों से किया जाना था।

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गोमतीनगर के विशाल खंड में विनोद तिवारी के घर पर जब पुराना मीटर उतारा गया तो पाया गया कि स्मार्ट मीटर पुराने मीटर की तुलना में 52 यूनिट ज्यादा बता रहा था। यह बढ़ोतरी 2.2 प्रतिशत है। इसी तरह विशालखंड में ही उतारे गए एक अन्य मीटर और स्मार्ट मीटर की रीडिंग में 41 यूनिट का अंतर पाया गया। स्मार्ट मीटर की रीडिंग पुराने मीटर की तुलना में 1.15 प्रतिशत ज्यादा है। 14 मई को इसी तरह एक अन्य उपभोक्ता के यहां मीटर उतारने पर पुराना मीटर 3452 यूनिट कुल रीडिंग बता रहा था, जबकि उसी दरम्यान स्मार्ट मीटर की रीडिंग 3501 दर्ज की गई। यूनिट में 1.41 प्रतिशत बढ़ोतरी के बावजूद उपभोक्ता को दी पर्ची में लिखा है कि रीडिंग लगभग समान पाई गई है।

सीपीआरआई से करवाएं जांच: उपभोक्ता परिषद

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा कहते हैं कि त्रुटि की गुंजाइश कम या ज्यादा दोनों ही रखी जाती है। यह कैसी त्रुटि गुंजाइश है, जो सभी में केवल ज्यादा ही बता रही है? वह कहते हैं कि 40-50 यूनिट का बढ़ा होना कोई छोटी बात नहीं है। यूपी में 3.80 करोड़ उपभोक्ता हैं। इनमें से 85 लाख के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। मीटरों की गुणवत्ता की जांच बेंगलुरु स्थित केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) से करवाई जाए।

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रीडिंग में 0.5 से 1.0 प्रतिशत तक का अंतर मिला

विभाग के अभियंताओं से जब इस बढ़ोतरी पर सवाल किए गए तो वे त्रुटि की गुंजाइश (मार्जिन ऑफ एरर) 0.5 से 1.0 प्रतिशत के बीच रहने का तर्क देते हैं। हालांकि, यह अंतर बढ़कर ही क्यों आ रहा है, कम क्यों नहीं रहा किसी मामले में इसपर चुप हो जाते हैं। बीते कुछ दिनों से पुराने मीटर (चेक मीटर) उतारते वक्त उपभोक्ताओं से वीडियो भी रिकॉर्ड करवाए जा रहे हैं कि वे स्मार्ट मीटर से संतुष्ट हैं। हालांकि उन्हें दिए जा रहे कागजों में रीडिंग में अंतर दिख रहा है।

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