यूपी में पुलिस से भागा फिर रहा दरोगा, हनी ट्रैप गैंग के सनसनीखेज खुलासे के बाद हुआ फरार
बुलंदशहर पुलिस ने एक बड़े हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने गाजियाबाद की रानी, उसके पिता राजू और रामपुर निवासी ओमकार समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस पूरे गैंग का मास्टरमाइंड रामपुर के मिलकखानम थाने में तैनात दरोगा राकेश कुमार है।

UP News : अपने ही सगे भाई की संपत्ति हड़पने के लिए 'हनी ट्रैप' की खौफनाक पटकथा लिखने वाले आरोपी दरोगा राकेश कुमार की तलाश में शुक्रवार रात बुलंदशहर पुलिस ने रामपुर में भारी दबिश दी। पुलिस टीम ने मिलकखानम और सिविल लाइंस क्षेत्र के संदिग्ध ठिकानों पर छापा मारा, लेकिन गिरफ्तारी के डर से दरोगा पहले ही फरार हो गया। बुलंदशहर एसएसपी ने आरोपी दरोगा की धरपकड़ के लिए पांच अलग-अलग टीमों का गठन किया है।
गौरतलब है कि गुरुवार को बुलंदशहर की गुलावठी पुलिस ने पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड में सक्रिय एक बड़े हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने गाजियाबाद की रानी, उसके पिता राजू और रामपुर निवासी ओमकार समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस पूरे गैंग का मास्टरमाइंड रामपुर के मिलकखानम थाने में तैनात दरोगा राकेश कुमार है। राकेश ने अपने ही भाई को जाल में फंसाकर उसकी संपत्ति पर कब्जा करने के लिए इस गिरोह का सहारा लिया था।
गुलावठी थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में आई टीम ने शुक्रवार रात रामपुर के कृष्णानगर और मिलकखानम में डेरा डाला। दरोगा के न मिलने पर अब उसके करीबियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी ओमकार के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालनी शुरू कर दी है। सीडीआर से पता चला है कि रामपुर के कई रसूखदार लोग इस गिरोह के संपर्क में थे, जिनके नाम जल्द ही सामने आ सकते हैं।
बुलंदशहर पुलिस के मुताबिक, दरोगा राकेश कुमार पर शिकंजा कसने के लिए तकनीकी सर्विलांस की मदद ली जा रही है। पुलिस को अंदेशा है कि वह जिले के बाहर शरण ले सकता है। रामपुर पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि आरोपी दरोगा को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
सस्पेंड हो गया दरोगा
युवक की शिकायत पर गुलावठी पुलिस ने हनीट्रैप में फंसाने वाली युवती, उसके पिता समेत पांच शातिरों को गुरुवार को गिरफ्तार किया था। इनके पास से घटना में प्रयुक्त थार गाड़ी और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस पूछताछ के बाद आरोपियों का चालान कर दिया गया है। वहीं, रामपुर के मिलक खानम थाने में तैनात आरोपी दरोगा नीरज कुमार को निलंबित कर दिया गया।
पूरी योजना बनाकर अंजाम दी गई घटना
एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि इस घटना को पूरी योजना बनाकर अंजाम दिया गया था। रामपुर में तैनात दरोगा नीरज का वादी राकेश से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। दरोगा ने योजना बनाई कि वह अपने भाई को हनीट्रैप में फंसाकर दुष्कर्म के केस में जेल भिजवा देगा और पूरी जमीन पर कब्जा कर लेगा। दरोगा ने ओमकार सिंह से संपर्क किया। ओमकार ने गिरोह के साथ मिल योजना बनाई। राजू की बेटी रानी को राकेश से बात कर उसे अपने जाल में फंसाने के लिए कहा। लेकिन रानी और उसके पिता ने शुरुआत से ही रुपये मांगने शुरू कर दिए। राकेश को शक हो गया और उसने पुलिस से संपर्क किया। एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी ओमकार सिंह के खिलाफ बरेली में डकैती, गैंगस्टर एक्ट, रामपुर में शस्त्र अधिनियम, लूट, अनैतिक देह व्यापार अधिनियम, डकैती, जानलेवा हमला, गुंडा एक्ट, आईटी एक्ट, संभल में शस्त्र अधिनियम, चोरी के 26 मामले दर्ज हैं। वहीं, पवन सैनी के खिलाफ मुरादाबाद, रामपुर, संभल आदि स्थानों पर चोरी, जानलेवा हमला, गुंडा एक्ट, लूट आदि के 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी मुनेश के खिलाफ संभल में चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।




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