यूपी में दिखा विवाह फिल्म का सीन, हल्दी में झुलसी युवती से बर्न वार्ड में शादी रचाने पहुंचा दूल्हा, मांग में भरा सिंदूर
2006 में आई शाहिद कपूर और अम्रता राव की फिल्म जैसा एक सीन यूपी के कानपुर में देखने को मिला। यहां हल्दी कार्यक्रम में एक युवती बुरी तरह से झुलस गई, उसे अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया। दूल्हे को जब जानकारी हुई तो वह अस्पताल में ही शादी करने के लिए पहुंच गया।

Kanpur News: शाहिद कपूर (पात्र नाम प्रेम) और अम्रता राव (पात्र नाम पूनम) की 2006 में आई फिल्म ‘विवाह’ तो याद ही होगी, जिसमें शादी के कुछ दिन पहले ही झुलसी पूनम को पूरा परिवार सहज स्वीकार करता है और अस्पताल में ही प्रेम की पूनम से शादी कराई जाती है। ठीक ऐसा ही विवाह हुआ रामादेवी के एक निजी अस्पताल के बर्न वार्ड में। गुजैनी के रहने वाले विकास ने झुलसी श्वेता की मांग में सिंदूर भरा और मंगलसूत्र पहनाया। यह नजारा देख परिवार ही नहीं अस्पताल स्टाफ की भी कोरें भीग गईं। घाटमपुर निवासी श्वेता समेत परिवार के 16 लोग शादी के ठीक एक दिन पहले 13 मई को मेहंदी की रस्म के दौरान सिलेंडर लीक होने से लगी आग में झुलस गए थे।
घाटमपुर के जगन्नाथपुर गांव में जगदीश बाबू की बड़ी बेटी श्वेता का 13 मई को हल्दी कार्यक्रम चल रहा था। श्वेता के छोटे भाई अभिषेक ने बताया कि ढोलक बज रही थी, नाच गाना भी हो रहा था। रात करीब 8:30 बजे घर की महिलाओं ने खाना बनाने के लिए गैस जलाई तो सिलेंडर लीक हो गया। सिलेंडर की नॉब निकालकर फिर लगाया गया तो पिन अंदर ही रह गई। गैस के तीव्र रिसाव से आग लग गई। घटना में श्वेता समेत परिवार के 16 लोग झुलस गए। श्वेता की हालत सबसे ज्यादा गंभीर है। उसके पैर, हाथ, पीठ और छाती बुरी तरह झुलस गई है। पहले उसे उर्सला फिर रामादेवी के मिशिका सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया।
विकास के परिवार ने दिखाया बड़ा दिल
अभिषेक ने बताया कि परिवार वालों की चिंता श्वेता के विवाह को लेकर थी, जो 14 मई को होना था। गुजैनी के तात्याटोपे नगर के विकास सिंह से रिश्ता तय हुआ था। हालांकि विकास के परिवार ने बड़ा दिल दिखाते हुए बारात वाले दिन ही शादी करने का निर्णय लिया। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन से बात हुई तो उन्होंने भी हामी भर दी। 14 मई की रात 11-12 बजे के बीच बर्न वार्ड के पास सोफे रखे गए। इस पर श्वेता को शादी वाली चुनरी ओढ़ाकर बैठाया गया। वर पक्ष से दूल्हे के साथ ही उनके भाई सुजीत कुमार, भाभी, मां और दो रिश्तेदार पहुंचे जबकि कन्या पक्ष से माता-पिता, भाई और दो रिश्तेदार मौजूद थे। अस्पताल के स्टाफ की उपस्थिति में करीब 20 मिनट में रस्में पूरी हुईं। पिता जगदीश बाबू और मां रेखा देवी ने कन्यादान किया। श्वेता की तकलीफों को देखते हुए फेरों की रस्में नहीं हुईं। विवाह के बाद अब विकास पत्नी श्वेता की पूरी तरह से देखभाल कर रहे हैं। अभिषेक ने बताया कि बहन करीब 70 फीसदी झुलसी है। चेहरा ठीक है लेकिन बाकी हिस्से झुलसे हैं। उम्मीद है कि बहन जल्द ठीक हो जाएगी।
खबर पर बनी फिल्म, अब फिल्म जैसी खबर
साल 2006 में आई फिल्म विवाह की सफलता के बाद फिल्म के कहानीकार सूरज बड़जात्या ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया था कि 1988 में मेरठ में हुई घटना इसकी प्रेरणा बनी। दरअसल वहां आग में झुलसी दुल्हन से दूल्हे ने अस्पताल में शादी रचाई थी। इस खबर से ही प्रेरित होकर उन्होंने इस फिल्म की कहानी लिखी थी। सूरज ने कहा था कि इस फिल्म को उन्होंने उस समय बनाया जब लोग बोल रहे थे कि अरेंज मैरिज का समय चला गया। हालांकि उन्होंने अंदर की आवाज सुनी और जबरदस्त सफलता मिली।




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