कुशीनगर में दिल दहला देने वाली घटना, खेलते-खेलते जलेबी के गर्म शीरे में गिरा मासूम, मौत
कुशीनगर में एक चाय की दुकान पर शुक्रवार की सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। जलेबी बनाने के लिए कड़ाही में रखे गर्म शीरे में गिरकर दुकानदार के तीन वर्षीय पुत्र की मौत हो गई। इस हादसे से परिवार में कोहराम मच गया।

यूपी के कुशीनगर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां पटहेरवा थाना क्षेत्र के काजीपुर स्थित फोरलेन किनारे एक चाय की दुकान पर शुक्रवार की सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। जलेबी बनाने के लिए कड़ाही में रखे गर्म शीरे में गिरकर दुकानदार के तीन वर्षीय पुत्र की मौत हो गई। इस हादसे से परिवार में कोहराम मच गया।
पटहेरवा थाना क्षेत्र के महुअवा निवासी गोलू गुप्ता काजीपुर में चाय की दुकान चलाते हैं। शुक्रवार की सुबह दुकान पर जलेबी बनाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान उसका तीन वर्षीय पुत्र आशीष खेलते-खेलते दुकान पर पहुंच गया और गर्म शीरे से भरी कड़ाही में गिर गया। हादसे में बच्चे के पेट और शरीर का अन्य हिस्सा गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन आनन-फानन में उसे फाजिलनगर सीएचसी ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने उसे रविंद्रनगर धूस स्थित मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। देर शाम इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई।
इकलौता बेटा था आशीष
गोलू गुप्ता और उसकी पत्नी चाय की दुकान चलाकर जीवनयापन करते थे। शादी के एक साल बाद पूजा को बेटा पैदा हुआ मगर वह दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई थी। उसके बाद आशीष पैदा हुआ था। रोज की तरह शुक्रवार सुबह पति-पत्नी दुकान चलाने में व्यस्त थे। पिता ने जलेबी छानने को कड़ाही में शीरा गर्म किया। मां दुकान पर कुछ काम कर रही थी। बेटा खेल रहा था और अचानक शीरे में गिर गया। इकलौती संतान के निधन पर माता-पिता का रो-रोकर बदहवास हो गए हैं।
चूल्हे की चिंगारी से लगी आग से तीन साल का मासूम जिंदा जला
उधर, रायबरेली के खीरों थाना क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार दिन में करीब 11 बजे चूल्हे से निकली चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। आग की चपेट में आने से तीन साल का बच्चा जिंदा जल गया। वहीं सात साल के दूसरे बच्चे ने भागकर अपनी जान बचा ली। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
क्षेत्र के एंधी गांव की रहने वाली रेशमी पत्नी रामसुमेर शुक्रवार सुबह घर में खाना बनाया। इसके बाद उसने अपने दो बेटे आदित्य और आदर्श को एक साथ छप्पर के नीचे चारपाई पर सुलाकर खेत चली गई। इसी बीच चूल्हे से निकली चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। आग लगने के बाद बड़े बेटे आदर्श की आंख खुली तो वह चिल्लाते हुए बाहर की ओर भागा। लेकिन तीन साल का मासूम आदित्य आग की लपटों के बीच जिंदा जल गया। जबकि बगल में छप्पर के नीचे मासूम की दादी भी सो रही थी। आग लगने के बाद वह भी बाहर की ओर भागी। सीओ अमित सिंह ने बताया कि छप्पर में आग लगने से तीन साल के बच्चे की जिंदा जलने से मौत हो गई।




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