41डिग्री पर तपा अमरोहा,लू के थपेड़ों के चलते सड़कों पर सन्नाटा
Amroha News - जिले में इन दिनों तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोग केवल जरूरी काम से ही बाहर निकल रहे हैं। किसानों और दिहाड़ी मजदूरों पर इस गर्मी का बुरा असर पड़ा है। मौसम विभाग ने हीटवेव का अलर्ट जारी किया है और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

जिले में इन दिनों तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोग केवल जरूरी काम से ही बाहर निकल रहे हैं। किसानों और दिहाड़ी मजदूरों पर इस गर्मी का बुरा असर पड़ा है। मौसम विभाग ने हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। जिले में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। बीते एक सप्ताह से 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचे तापमान और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को पूरी तरह थाम दिया है। सुबह 10 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है और लोग केवल बेहद जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
मौसम विभाग की ओर से अगले तीन दिनों के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी होने से लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।गर्म हवाओं के थपेड़ों ने झुलसायारविवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे धूप की तीव्रता बढ़ती गई और शहर की सड़कों, गलियों एवं बाजारों में सन्नाटा पसर नजर आया। शहर के प्रमुख बाजारों में दोपहर के समय ज्यादातर दुकानें सूनी नजर आती हैं । जरूरी काम से बाहर निकले लोग सिर ढककर, छाता या गमछा लेकर चलते दिखे और ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर लोग नजर आए। रेलवे स्टेशन, रोडवेज, वासुदेव तीर्थ स्थल मंदिर जैसे प्रमुख स्थानों पर भी गर्मी का असर साफ दिखा।ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। किसान दोपहर के समय खेतों में जाने से बच रहे हैं। नहरों और तालाबों में पानी की कमी से पशु-पक्षियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानवर पानी की तलाश में भटक रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जिससे लू का प्रकोप और तेज होगा। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।दिहाड़ी मजदूर और किसानों पर पड़ रही दोहरी मारभीषण गर्मी का सबसे अधिक असर दिहाड़ी मजदूरों और किसानों पर पड़ रहा है। तेज धूप और लू के थपेड़ों के बीच मजदूरों को काम करना मजबूरी बन गया है। यदि वे काम नहीं करेंगे तो उनके परिवार की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। मजदूर बताते हैं कि गर्मी कितनी भी बढ़ जाए पेट पालने के लिए काम करना ही पड़ता है। हर थोड़ी देर में प्यास लगती है और पानी पीकर ही राहत मिलती है। तेज धूप में काम करने से शरीर थक जाता है, लेकिन पेट की मजबूरी उन्हें रुकने नहीं देती। वहीं गर्मी के चलते खेती किसानी का काम भी प्रभावित हो रहा है। सुबह से तेज धूप होने के कारण किसान समय से खेती का काम नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरन उन्हें सुबह और शाम में दो-दो घंटे ही काम करने का समय मिल पा रहा है। वहीं तमाम किसान इस भीषण गर्मी में गेहूं की कटाई करते भी देखे गए।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन