Amid Iran-Israel conflict agricultural exports from up have come standstill causing losses over 1000 crore ईरान-इजरायल की लड़ाई के बीच यूपी से कृषि निर्यात हुआ ठप, एक हजार करोड़ से अधिक का नुकसान, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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ईरान-इजरायल की लड़ाई के बीच यूपी से कृषि निर्यात हुआ ठप, एक हजार करोड़ से अधिक का नुकसान

उत्तर प्रदेश से खाड़ी के देशों को सबसे अधिक ताजे फल-सब्जियों का निर्यात किया जाता है। बासमती के सबसे बड़े आयातक देश ईरान समेत खाड़ी के अन्य देशों को यूपी से होने वाले बासमती चावल का निर्यात भी पूरी तरह से रुक गया है।

Fri, 6 March 2026 09:46 PMDinesh Rathour लखनऊ, प्रमुख संवाददाता
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ईरान-इजरायल की लड़ाई के बीच यूपी से कृषि निर्यात हुआ ठप, एक हजार करोड़ से अधिक का नुकसान

UP News: ईरान-इजरायल के बीच चल रही जंग के चलते यूपी से होने वाला कृषि निर्यात पूरी तरह से ठप हो गया है। हालत यह है कि मात्र एक सप्ताह में ही प्रदेश से कृषि उत्पादों का निर्यात करने वाले निर्यातकों को हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। उत्तर प्रदेश से खाड़ी के देशों को सबसे अधिक ताजे फल-सब्जियों का निर्यात किया जाता है। बासमती के सबसे बड़े आयातक देश ईरान समेत खाड़ी के अन्य देशों को यूपी से होने वाले बासमती चावल का निर्यात भी पूरी तरह से रुक गया है। अचानक से छिड़े युद्ध की वजह से कई निर्यातकों के करोड़ों का माल बंदरगाहों पर फंस गए हैं।

प्रदेश से बड़े पैमाने पर चावल और ताजे फल-सब्जियों का निर्यात करने वाली लखनऊ की निर्यातक कंपनी लक्ष्मी प्रीमियम ग्रेन्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर मोहित टेकरीवाल की मानें तो इस युद्ध से कई निर्यातक बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके है। निर्यात के लिए गुजरात व महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर माल डंप पड़े है तो कई के माल जहाज में लोड हैं और जहाज लंगर डाले आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। जल्द खराब होने वाले फल-सब्जियों की हालत तो सबसे अधिक खराब है। खाड़ी की तरफ जाने वाली उड़ाने बन्द पड़ी हैं, जिससे पहले से बुक फल-सब्जियां नष्ट होती जा रही हैं। वहीं बंदरगाहों पर भी इनकी यही स्थिति है।

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बंदरगाहों और जहाजों में फंसे 200 कंटेनर माल

बकौल मोहित टेकरीवाल, हमारे 200 कंटेनर माल बंदरगाहों व जहाजों पर फंस गए हैं। समान के खराब होने का डर तो है ही बढ़ता भाड़ा भी चिन्ता बढ़ा रहा है। एक अन्य निर्यातक कंपनी फार्चून राइस के प्रोपराइर अजय भालोथिया कहते हैं कि करीब 3000 करोड़ रुपये का ट्रांजिट फंस गया है। वे कहते हैं कि युद्ध प्रभावित देशों में तो हालत और भी खराब हैं। वहां के बंदरगाहों पर जहाजों पर समान पड़े हैं और उसका कोई पुरसाहाल नहीं है। ऐसे में निर्यातकों को वहां पहुंच चुके माल का कितना नुकसान होगा इसका किसी को अंदाजा नहीं लग पा रहा है। मोहित टेकरीवाल बताते हैं कि जहां निर्यात का माल जा भी रहा है, वहां के लिए अनाप-शनाप भाड़ा लग रहा है और बीमा कंपनियां भी खूब मनमानी कर रहे हैं। सरकार को इस ओर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।

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यूपी से खाड़ी में इन देशों को होता है फल-सब्जियों का निर्यात

संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान, ईरान, ईराक, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन आदि।

यूपी से खाड़ी के इन देशों को होता बासमती-नॉन बासमती चावल का निर्यात

ईरान, इराक, यूएई, कुवैत, बहरीन, ओमान तथा मिस्त्र।

प्रदेश से इन सब्जियों का होता है निर्यात

लौकी, करेला, टमाटर, मटर, फूल गोभी, पत्ता गोभी, खीरा, हरी मिर्च, शलजम, बीन्स, लोबिया, बैगन, कद्दू, केला आदि।

यूपी से ताजी सब्जियों के निर्यात की स्थिति- (करोड़ रुपये में)

देश के नाम2020-212021-222022-232023-242024-20252025-26 (06-03-26 तक)
बहरीन, कुवैत, यूएई, कतर, ओमान187.60125.95146,5494.44165.99212.04
,

यूपी से चावल के निर्यात की स्थिति (करोड़ रुपये में )

बासमती 31934.34 29342.08 38524..11 48389.18 52635.65 63984.45

नॉन बासमती 49957.66 55112.02 51088.72 37804.48 निर्यात प्रतिबन्धित 34122.99

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