ईरान-इजराइल युद्ध की लपटों की आंच यूपी की तालानगरी तक पहुंची, मुश्किल में मजदूर
अमेरिका, इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बमबारी और मिसाइलें दागीं। इससे हालात बिगड़ गए। ईरान जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देश बहरीन, कुवैत, इराक, ओमान, कतर समेत अन्य देशों में बमबारी कर रहा है। इस लड़ाई में निर्यात झुलसने लगा है। मुंबई से शिपिंग बंद हो चुकी है।

Iran-israel war 2026: ईरान और इजराइल में भड़के युद्ध की लपटों में यूपी की तालानगरी अलीगढ़ की औद्योगिक इकाइयां भी तपने लगी हैं। होली के त्योहार को लेकर असर दिखाई नहीं दे रहा है। लेकिन होली के बाद छुट्टी से लौटने के बाद श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो सकता है? बड़ी संख्या में निर्यात व ताला-हार्डवेयर करने वाली इकाइयों के सामने उत्पादन को लेकर विचित्र स्थिति पैदा हो रही है। विदेशी बॉयरों से मिल रहे खराब संकेत से उत्पादन पटरी से उतर सकता है। अमेरिकी ट्रैरिफ के बाद बड़ी मुश्किल से आर्डर आने लगे थे और इकाइयां सुचारू चलने लगी थीं। लेकिन ईरान पर हमले के बाद स्थिति नाजुक हो गई है।
अलीगढ़ से वैसे सबसे अधिक हार्डवेयर का निर्यात अमेरिका समेत यूरोपीय देशों में होता है। ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, रूस, यूक्रेन, पोलैंड, यूनाइटेड किंगडम, स्वीडन, नॉर्वे, फिनलैंड, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, बुल्गारिया, डेनमार्क, स्लोवाकिया समेत अन्य देशों को जाता है। इसके अलावा खाड़ी देशों में भी निर्यात की स्थिति मजबूत है। लेकिन अमेरिका, इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बमबारी व मिसाइल दागी, जिससे हालात बिगड़ गए। ईरान जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देश बहरीन, कुवैत, इराक, ओमान, कतर समेत अन्य देशों में बमबारी कर रहा है। तीन देशों की लड़ाई में निर्यात झुलसने लगा है। मुंबई से शिपिंग बंद हो चुकी है। करोड़ों का आर्डर समुद्री मार्ग में फंसा है। मिसाइलें समुद्री जहाज को भी निशाना बना रही हैं। ऐसे में निर्यातकों के सामने समस्या है कि जो माल रास्ते में है वह पार्टी तक पहुंचेगा या नहीं। इसकी भी क्लीयरेंस नहीं मिल रही है। बॉयरों ने माल भेजने के लिए मना कर दिया है।
होली बाद असली फर्क सामने आएगा
निर्यात इकाइयों में असली फर्क होली बाद देखने को मिलेगा। श्रमिक अभी होली के त्योहार को लेकर छुट्टी पर गए हैं। लेकिन आने के बाद असली फर्क सामने आएगा। तालानगरी, औद्योगिक अस्थान, आगरा रोड, गूलर रोड, जीटी रोड समेत अन्य स्थानों पर एक्सपोर्ट यूनिटें हैं, जिनमें लाखों कामगार काम करते हैं। बॉयरों ने माल बनाने व नई खेप भेजने के लिए मना कर दिया है। पहले ही माल तैयार हो रखा है। ऐसे में अब नया माल बनाकर बफर स्टॉक में निर्यातक कितना रखेंगे यह बड़ी चीज होगी। बफर स्टॉक नहीं रखेंगे तो श्रमिकों को परेशानी का सामना करना होगा। गूलर रोड पर पैकेजिंग इंडस्ट्री से जुड़े योगेश गोस्वामी ने बताया कि खाड़ी देशों में पैदा हुए हालात का असर एक्सपोर्ट यूनिटों पर जरूर आएगा। लेकिन यह होली बाद असर दिखाई देगा। वर्तमान में इकाइयों में छुट्टी चल रही है।
देश वार हेल्पलाइन नंबर
-इस्राइल (तेल अवीव) +972-54-7520711, +972-54-2428378 cons1.telaviv@mea.gov.in
- फलस्तीन (रामल्लाह) +970592916418 cons.ramallah@mea.gov.in
- ईरान (तेहरान) +989128109115, +989128109109
- सऊदी अरब (रियाद) 800 247 1234 (Toll Free), +966-542126748 cw.riyadh@mea.gov.in
- संयुक्त अरब अमीरात 800-46342 (Toll Free), +971543090571 ca.abudhabi@mea.gov.in
- कतर (दोहा) 00974-55647502 cons.doha@mea.gov.in
- ओमान (मस्कट) 80071234 (Toll Free), +96898282270 cw.muscat@mea.gov.in
- इराक (बगदाद) +964 771 651 1185, +964 770444 4899 cons.baghdad@mea.gov.in
- कुवैत +96565501946 community.kuwait@mea.gov.in
- जॉर्डन 00962-770 422 276
- बहरीन 00973-39418071




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