Amid delays in the UP Panchayat elections, Yogi Cabinet approves formation of an OBC Commission for reservation यूपी पंचायत चुनाव में देरी के बीच योगी कैबिनेट का फैसला, आरक्षण के लिए आयोग के गठन को मंजूरी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

यूपी पंचायत चुनाव में देरी के बीच योगी कैबिनेट का फैसला, आरक्षण के लिए आयोग के गठन को मंजूरी

UP Panchayat elections News:  यूपी पंचायत चुनाव में देरी के बीच योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में समर्पित ओबीसी आयोग गठन को मंजूरी दे दी है। त्रिस्तरीय पंचायतों के कुल पदों में से ओबीसी श्रेणी के लिए यह आयोग आरक्षण तय करेगा।

Mon, 18 May 2026 05:13 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
share
यूपी पंचायत चुनाव में देरी के बीच योगी कैबिनेट का फैसला, आरक्षण के लिए आयोग के गठन को मंजूरी

UP Panchayat elections News: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में देरी के दावों के बीच योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में समर्पित ओबीसी आयोग गठन को मंजूरी दे दी है। त्रिस्तरीय पंचायतों के कुल पदों में से ओबीसी श्रेणी के लिए यह आयोग आरक्षण तय करेगा। पांच सदस्यीय आयोग बनाया जाएगा और इसका छह महीने का कार्यकाल होगा। उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को इसका अध्यक्ष बनाया जाएगा।

यूपी राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की जल्द प्रक्रिया शुरू होगी। आयोग में पांच सदस्यों की नियुक्ति राज्य सरकार करेगी। यह सदस्य उन व्यक्तियों में से होंगे जो पिछड़े वर्गों से संबंधित मामलों का ज्ञान रखते हों। राज्य सरकार इन पांच सदस्यों में से ही एक सदस्य जो उच्च न्यायालय का सेवानिवृत्त न्यायाधीश हो उसे आयोग का अध्यक्ष चुनेगी। आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों का कार्यकाल नियुक्ति तिथि से छह महीने का होगा। पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण त्रिस्तरीय पंचायतों के कुल पदों की संख्या में से 27 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। यदि पिछड़े वर्गों की जनसंख्या के आंकड़े उपलब्ध न हो तो नियत रीति से सर्वेक्षण करके उनकी जनसंख्या निर्धारित की जाएगी। पंचायती राज विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है।

अब आयोग का जल्द गठन किया जाएगा

उच्चतम न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने के लिए उप्र राज्य के त्रिस्तरीय पंचायत निकायों में आरक्षण प्रदान करने के आशय से पिछड़ेपन की प्रकृति व प्रभावों की समकालीन, सतत, अनुभव जन्य जांच व अध्ययन करने व इस प्रकार निर्धारित अन्य पिछड़े वर्ग के व्यक्तियों को निकायवार अनुपातिक आरक्षण दिए जाने के लिए राज्य सरकार इस आयोग का गठन करेगी। प्रदेश में ग्रामीण निकायों में राज्य सरकार उप्र पंचायती राज अधिनियम, 1947 व उप्र क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 के प्राविधानों के अंतर्गत त्रिस्तरीय ग्रामीण निकायों के पदों पर आरक्षण का निर्धारण किया जाता है। अब आयोग का जल्द गठन किया जाएगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूपी पंचायत चुनाव आरक्षण आयोग समेत कई प्रस्ताव होंगे पास, योगी कैबिनेट बैठक आज
ये भी पढ़ें:यूपी पंचायत चुनाव: गांवों में अब प्रशासक बैठाए जाने का ही रास्ता बचा है क्या?
ये भी पढ़ें:यूपी पंचायत चुनाव में मतदान की रियल टाइम मानीटरिंग होगी; वोटिंग का अपडेट मिलेगा

आयोग गठन को मंजूरी मात्र से बाधाएं दूर नहीं

समर्पित ओबीसी आयोग गठन को मंजूरी मात्र से बाधाएं दूर नहीं हुई। पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने के लिए सरकार को “ट्रिपल टेस्ट” प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सर्वे और रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय होगा। अगर आयोग तेजी से भी काम करता है तो फिर भी उसे समय लगेगा ही। क्योंकि जब शासन इन आयोग के अध्यक्षों व सदस्यों की नियुक्ति करेगा उस तारीख से छह महीने माना जाएगा। आरक्षण तय करने में देरी हुई तो शासन कार्यकाल बढ़ा सकता है।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।