यूपी के प्राइमरी स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों को लेकर हाई कोर्ट का आदेश, इनका होगा समायोजन
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से सोमवार को उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के नाम भेजे गए आदेश में कहा गया है कि हाईकोर्ट द्वारा बीते 22 अप्रैल को पारित आदेश का अनुपालन तत्काल किया जाना है। सरप्लस शिक्षकों समायोजन या दूसरे स्कूलों में ट्रांसफर किया जाएगा।

UP News: उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में अब न्यूनतम दो शिक्षक अनिवार्य रूप से तैनात किए जाएंगे लेकिन जहां सरप्लस शिक्षक होंगे, उन अतिरिक्त शिक्षकों का या तो समायोजन किया जाएगा या दूसरे स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। इस संबंध में हाईकोर्ट के निर्णय के आधार पर शासन ने आदेश जारी कर दिया है।
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से सोमवार को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के नाम भेजे गए आदेश में कहा गया है कि हाईकोर्ट द्वारा बीते 22 अप्रैल को पारित आदेश का अनुपालन तत्काल किया जाना है। इसके तहत जनपदीय समिति द्वारा किसी भी सरप्लस अध्यापक को किसी दूसरे विद्यालय में फिर से तैनात करने की कार्यवाही की जा सकेगी ताकि हर विद्यालय में कम से कम दो अध्यापकों को तैनात किए जा सकें।
इन नियमों के आलोक में यदि किसी महिला अध्यापिका को पुनः तैनात किए जाने की कार्यवाही की जानी है तो जिला स्तरीय समिति द्वारा यह ध्यान रखा जाएगा कि सर्वप्रथम उस महिला अध्यापिका को उसी विकास खण्ड में, यदि सम्भव नहीं है तो अध्यापिका की उसके निकटतम विकास खण्ड में जो कि सड़क से अच्छी तरह से जुड़ा हो, में तैनात किये जाने की कार्यवाही की जाएगी।
इसके अलावा अभी उन विद्यालयों में शिक्षकों को पुनः तैनात नहीं किया जाएगा, जहां 30 अप्रैल 2026 तक दो शिक्षक तैनात हैं। यह भी कहा गया है कि संबंधित शिक्षक जिनका स्थानान्तरण प्रस्तावित है, द्वारा आगामी 13 मई तक ऑफलाइन माध्यम से जनपदीय समिति के समक्ष आपत्ति दर्ज करायी जा सकती है। यदि किसी कारणवश ऑफीसियल वेबसाइट पर प्रदर्शन की तारीख आगामी 6 मई के बाद की है, तो उसके बाद 7 दिन तक ऑफलाइन माध्यम से जिला स्तरीय समिति के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी।




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