AI का पहरा, हाईटेक कैमरों से निगरानी; गंगा एक्सप्रेस वे पर रफ्तार के साथ सुरक्षा भी अभेद्द
मेरठ से प्रयागराज तक के इस हाई-स्पीड सफर को पूरी तरह 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (एआई) के घेरे में रखा गया है। मंडल के दो जिलों, संभल और अमरोहा की सीमा में कुल 65 हाईटेक एआई कैमरे लगाए गए हैं, जो हर वाहन की गतिविधि पर पैनी नजर रखेंगे। एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा की कमान अब तकनीक के हाथ में है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करेंगे। जो रफ्तार के साथ-साथ अभेद्य सुरक्षा का भी गवाह बनेगा। मेरठ से प्रयागराज तक के इस हाई-स्पीड सफर को पूरी तरह 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (एआई) के घेरे में रखा गया है। मंडल के दो जिलों, संभल और अमरोहा की सीमा में कुल 65 हाईटेक एआई कैमरे लगाए गए हैं, जो हर वाहन की गतिविधि पर पैनी नजर रखेंगे। एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा की कमान अब तकनीक के हाथ में है। अमरोहा जिले की 23.60 किमी सीमा में जहां 23 हाईटेक कैमरे तैनात किए गए हैं, वहीं संभल जिले के हिस्से में 42 कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी।
एआई का पहरा, हाईटेक कैमरों से निगरानी
ये एआई कैमरे न केवल ट्रैफिक की रिकॉर्डिंग करेंगे, बल्कि डेढ़ किलोमीटर दूर से ही ओवर-स्पीडिंग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और स्टंटबाजी जैसी गतिविधियों को खुद पहचान कर कंट्रोल रूम को तत्काल अलर्ट भेज देंगे। अमरोहा के मंगरौला एंट्री पॉइंट पर ऐसे एडवांस सेंसर और रीडर लगाए गए हैं, जो 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ते वाहन को भी बिना रुके स्कैन कर लेंगे। ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का ऑटो-चालान सीधे उनके मालिक के पास पहुंचेगा। कोहरे या कम रोशनी में भी ये कैमरे और अलार्म सेंसर किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अचानक रुके वाहन की सूचना तुरंत मेरठ और प्रयागराज कंट्रोल रूम को देंगे।
मैन्युफैक्चरिंग हब 591 एकड़ में बनेगा, जमीन की दरें तय
गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले प्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर (आईएमसीएल) में संभल को खास प्राथमिकता दी गई है। यहां 591 एकड़ में विशाल औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, जो जिले के लिए बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे।
इससे पहले ही उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने निवेशकों के लिए भूखंड आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। संभल में औद्योगिक भूखंड की दर 5000 प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है, जो निवेश के लिहाज से संतुलित और आकर्षक मानी जा रही है। वहीं मेरठ में यह दर 11,147 प्रति वर्गमीटर है, जो सबसे अधिक है। उन्नाव में 5250, बदायूं में 5200, शाहजहांपुर में 4400 और हरदोई में 3800 प्रति वर्गमीटर दर तय की गई है।
हर 20 किलोमीटर पर एंबुलेंस मिलेगी
हादसे की स्थिति में त्वरित उपचार सुनिश्चित करने के लिए एंबुलेंस का पुख्ता जाल बिछाया गया है। बदायूं बॉर्डर पर विशेष सेफ्टी पॉइंट बनाया गया है। एक्सप्रेसवे के पूरे रूट पर प्रत्येक 20 किलोमीटर की दूरी पर एक एंबुलेंस तैनात रहेगी। संभल के खिरनी, लहरावन और अमरोहा के रुखालू टोल प्लाज़ा पर भी इमरजेंसी एंबुलेंस तैनात की गई हैं।




साइन इन