प्रयागराज टू मेरठ सिर्फ 6 घंटे; संगमनगरी को मिलेगा पहला एक्स्प्रेस वे, 29 अप्रैल को मोदी देंगे सौगात
यूपीडा के अधिकारियों की मानें तो गंगा एक्सप्रेस-वे के बनने से प्रयागराज से मेरठ तक की दूरी अब केवल छह घंटे में तय की जा सकेगी। आवागमन में सहूलियत के लिए 594 किमी की दूरी के दौरान कई कट्स और इंट्री व एग्जिट प्वाइंट भी बनाए गए हैं। 29 अप्रैल को पीएम मोदी उद्घाटन करेंगे।

यूपी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से पूर्वांचल और पश्चिमी उप्र के बीच की दूरी अब काफी कम हो जाएगी। पीएम नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को इस परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इसी के साथ प्रयागराज को उसका पहला एक्सप्रेस वे मिल जाएगा। दावा किया जा रहा है कि इसके चालू होने के बाद प्रयागराज से मेरठ तक 594 किमी का सफर मात्र छह घंटे में ही पूरा किया जा सकेगा। दिल्ली की राह भी आसान हो जाएगी।
मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज में खत्म हुआ
छह लेन का यह एक्सप्रेस-वे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के सोरांव तहसील के अंतर्गत आने वाले जूड़ापुर दांदू गांव पर आकर समाप्त हुआ है। जहां पर 16 लेन का टोल प्लाजा बनाया गया है और इसे एनएच-19 से मिलाया गया है। तहसील के इस गांव के साथ ही एक्सप्रेस-वे आगे बढ़ने पर पश्चिमनारा, पूरबनारा, जालियासई, सराय मदन सिंह, गिरधरपुर गोडवा, व खेमकरनपुर गांव से प्रतापगढ़, रायबरेली, उन्नाव व हरदोई जिले से होकर मेरठ तक जा रहा है।
प्रयागराज से मेरठ की दूरी सिर्फ 6 घंटों में होगी पूरी
वर्तमान में मेरठ से प्रयागराज तक सड़क मार्ग से आने व जाने में दस से बारह घंटे का समय लग जाता है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों की मानें तो गंगा एक्सप्रेस-वे के बनने से प्रयागराज से मेरठ तक की दूरी अब केवल छह घंटे में तय की जा सकेगी। आवागमन में सहूलियत के लिए 594 किमी की दूरी के दौरान कई कट्स और इंट्री व एग्जिट प्वाइंट भी बनाए गए हैं।
गंगा एक्सप्रेस पर दो मुख्य टोल प्लाजा और 19 रैंप टोल प्लाजा
वरिष्ठ महाप्रबंधक यूपीडा राजीव रतन सिंह ने बताया कि परियोजना में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों और उच्च गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। एक्सप्रेस-वे पर दो मुख्य टोला प्लाजा के साथ 19 रैम्प टोल प्लाजा बनाया गया है। इससे वाहन चालकों को विभिन्न कट्स पर इंट्री व एग्जिट में आसानी और जाम की स्थिति कम होगी।
गंगा एक्सप्रेस पर 36230 करोड़ खर्च हुए
जानकारी के मुताबिक गंगा एक्सप्रेस को बनाने का निर्णय 2019 कुंभ के दौरान प्रयागराज में हुई प्रदेश कैबिनेट की विशेष बैठक में लिया गया था। एक्सप्रेस वे में 3.75 मीटर चौड़ी सर्विस रोड के साथ 17 टोल प्लाजा, आठ मुख्य पुल और 381 अंडरपास हैं। 12 जिलों के 518 गांवों से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस वे के निर्माण पर 36230 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई है।




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