आगरा धर्मांतरण गैंग की शाहीन बाग और बाटला हाउस से जुड़े फंडिंग के तार, कश्मीर तक फैला है नेटवर्क
आगरा पुलिस की पूछताछ में धर्मांतरण गैंग के पाकिस्तान और कश्मीर तक फैले खतरनाक नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पकड़े गए आरोपियों तलमीज उर रहमान, परवेज अख्तर, जतिन कपूर और हसन मोहम्मद ने कुबूल किया है कि धर्मांतरण के लिए फंडिंग के तार दिल्ली के शाहीन बाग और बाटला हाउस से जुड़े हैं।

धर्मांतरण गैंग के पाकिस्तान से तार जुड़े होने की बात सामने आई है। साथ ही धर्मांतरण संबंधी लेनदेन के भी सबूत मिले हैं, जो दिल्ली के शाहीन बाग और बाटला हाउस से जुड़े बताए जा रहे हैं। तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंगलवार को समाप्त होने पर पुलिस ने चारों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया और मुकदमे से जुड़े अहम साक्ष्यों की बरामदगी के लिए फिर से तीन दिन की कस्टडी रिमांड की अर्जी दी। सीजेएम की अदालत ने चारों आरोपितों को जेल भेजने के आदेश दिए। वहीं, पुलिस कस्टडी रिमांड पर कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी।
सदर की सगी बहनों के धर्मांतरण के आरोप में दिल्ली निवासी तलमीज उर रहमान, परवेज अख्तर, जतिन कपूर और डींग (राजस्थान) निवासी हसन मोहम्मद को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस इन चारों को दूसरे राज्यों से गिरफ्तार कर लाई थी। शनिवार को इन्हें तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया था। मंगलवार को रिमांड पूरी होने पर चारों को अदालत में पेश किया गया।
विवेचक रीता यादव ने आरोपितों से पूछताछ में सामने आए साक्ष्यों की बरामदगी के लिए पुनः तीन दिन की कस्टडी रिमांड देने का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन अधिकारी बृजमोहन सिंह कुशवाह ने तर्क रखे। वहीं, आरोपितों की ओर से अधिवक्ताओं ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अदालत ने पुलिस कस्टडी रिमांड पर सुनवाई के लिए छह मई की तिथि नियत की है।
कश्मीर से लेकर कई राज्यों में फैला है गैंग का नेटवर्क
आगरा। पुलिस की पूछताछ में आरोपी तलमीज उर रहमान ने बताया कि धर्मांतरण के लिए आने वाली पैसों की फंडिंग और टिकट से जुड़े रिकॉर्ड दिल्ली के बाटला हाउस क्षेत्र में डॉ. आदिल के पास रखे हैं, जिन्हें वह बरामद करा सकता है। परवेज अख्तर ने बताया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी के दामाद के दवा केंद्र पर धर्मांतरण संबंधी लेनदेन का रजिस्टर रखा जाता था, जिसे डर के कारण शाहीन बाग में छिपा दिया गया है। जतिन कपूर उर्फ जाशिक कपूर ने बताया कि उसके पास एक टैब है, जिसमें आर्थिक मदद का पूरा हिसाब-किताब और संबंधित लोगों के नाम दर्ज हैं।
उसने यह भी बताया कि वह पाकिस्तान के लोगों से संपर्क में रहा है और उनके नंबर भी टैब में हैं। हसन मोहम्मद से पूछताछ में सामने आया कि अब्दुल रहमान गिरोह में मौलाना कलीम सिद्दीकी का दामाद शामिल है, जिसने कश्मीर से लेकर कई राज्यों में नेटवर्क फैला रखा है। इससे जुड़े लोगों के नंबर डींग में एक रिश्तेदार के यहां छिपाकर रखे गए हैं, जिन्हें बरामद कराया जा सकता है।
डीसीपी आदित्य सिंह के अनुसार धर्मांतरण के चारों आरोपितों की कस्टडी रिमांड समाप्त होने पर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। मामले में और साक्ष्य संकलन के लिए कोर्ट से तीन दिन की अग्रिम पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी गई है, जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी।




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