यूपी में मासूम के हत्यारे को मार गिराया; हरदोई में मेहनूर का एनकाउंटर, पुलिस के SOG प्रभारी भी घायल
हरदोई में सात साल के बालक की हत्या और कुकर्म के आरोपी मेहनूर को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। 50 हजार के इनामी आरोपी की जिला अस्पताल में मौत हो गई। मुठभेड़ में एसओजी प्रभारी भी घायल हुए हैं। आरोपी ने फिरौती के लिए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश भी की थी।

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सात वर्षीय मासूम की हत्या के आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी मेहनूर उर्फ नूर का अंत हो गया है। बुधवार को मल्लावां थाना क्षेत्र में पुलिस के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हुए आरोपी की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस कार्रवाई में एसओजी प्रभारी भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मक्के के खेत में मिला था मासूम का शव
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि बीती 5 मई को मल्लावां थाना क्षेत्र के ग्राम मटियामऊ के पास मक्का के एक खेत में सात वर्षीय बालक का शव मिलने से हड़कंप मच गया था। मासूम की हत्या बेरहमी से की गई थी। वारदात ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी लखनऊ रेंज ने मुख्य आरोपी मेहनूर (निवासी कन्नौज) पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं।
मुठभेड़ और आरोपी की मौत
बुधवार को पुलिस को सूचना मिली कि इनामी बदमाश इलाके में देखा गया है। घेराबंदी के दौरान आरोपी मेहनूर ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोली लगने से एसओजी प्रभारी राजेश कुमार भी घायल हो गए।
पुलिस ने घायल आरोपी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मल्लावां पहुंचाया, जहां से उसे नाजुक हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से एक पिस्टल, तमंचा, बाइक और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं।
कुकर्म और फिरौती की खौफनाक साजिश
प्रारंभिक जांच और पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बालक का अपहरण कर उसके साथ कुकर्म किया और पहचान उजागर होने के डर से उसकी हत्या कर दी। इतना ही नहीं, पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने चोरी के सिम कार्ड से फोन कर मासूम के परिजनों से फिरौती की मांग भी की थी ताकि पुलिस इसे केवल अपहरण का मामला मानती रहे। एसओजी प्रभारी राजेश कुमार का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य संभावित कड़ियों की जांच कर रही है।
यूकेजी में पढ़ता था बालक
मारा गया मासूम सात भाई बहनों में दूसरे नंबर का था। वह आंगनबाड़ी में यूकेजी में पढ़ता था। वह शाम 7 बजे अपने बाबा से 20 रुपए लेकर घर के सामने लगे उर्स में घूमने गया था। इसके बाद लापता हो गया था।
बच्चे की जान के बदले मांगे थे सात लाख
ग्रामीणों के मुताबिक 3 मई को मासूम के पिता को एक फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा- तुम्हारा बेटा हमारे पास है। उसकी जान के बदले सात लाख रुपए चाहिए। इसके बाद बदमाशों ने यूपीआई नंबर कंफर्म कराने के लिए पिता से ऑनलाइन 100 रुपए भी ट्रांसफर करवाए। बाकी पैसों के लिए परिजनों ने मोहलत मांगी। हालांकि बाद में पैसा देने से इनकार कर दिया और पुलिस को सूचना दे दी। मल्लावां थाना क्षेत्र के मटियामऊ गांव में मासूम का परिवार रहता है। पिता की मटियामऊ में कॉस्मेटिक की जनरल शॉप है। वह मस्जिद में हाफिज भी हैं।




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