सीतापुर में मंदिर के बाद अब 12 साल पुरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर, सड़क बनी छावनी
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में चौड़ीकरण को 25 साल पुराने मंदिर जेसीबी चलाए जाने के बाद अब सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी 12 साल पुरानी मस्जिद पर सोमवार को बुलडोजर चलाकर ढहा दी गई।

UP News: यूपी के सीतापुर में रविवार को सड़क चौड़ीकरण को लेकर 25 साल पुराने मंदिर पर बुलडोजर चलने के बाद अब लहरपुर इलाके में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी 12 साल पुरानी मस्जिद पर सोमवार को बुलडोजर चलाकर ढहा दी गई। नोटिस जारी होने के बाद भी अवैध मस्जिद निर्माण हटाए न जाने पर प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। सुरक्षा के लिए से क्षेत्र में बड़ी संख्या मे पुलिसकर्मी तैनात रहे। सड़क छावनी बनी रही।
लहरपुर कोतवाली से महज दो सौ मीटर दूरी पर जोशी ताल के पास करीब सेमवार तड़के बुलडोजर पहुंच गए। पुलिस की मौजूदगी मे़ करीब 12 वर्ष पूर्व सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद के ध्वस्तीकरण किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक पूर्व में नोटिस जारी की जा चुकी थी, पर इसर संज्ञान नहीं लिया गया। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। एहतियातन कार्रवाई के दौरान किसी को भी मस्जिद की तरफ जाने नहीं दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण हो उसे हटाया जाएगा।
कल 25 साल पुराने दुर्गा मंदिर को जेसीबी से गिराया था
वहीं नगर के चुंगी चौराहे पर स्थित दुर्गा मंदिर को प्रशासन ने रविवार को प्राइवेट जेसीबी से गिरा दिया। नायब तहसीलदार ने स्वयं ही हथौड़ी और छेनी लेकर मूर्तियों को हटाने की प्रक्रिया की। मूर्तियों को हटाने के बाद दूसरे शक्ति मंदिर में रखवा दिया गया। इसके बाद मंदिर को तोड़ा गया। इस दौरान एसडीएम हाथ जोड़े खड़ी रहीं। मंदिर लगभग 25 साल पुराना है। जिसे सड़क चौड़ीकरण की वजह से हटाया गया है। वहीं मंदिर को तोड़े जाने के समय एडीएम और भारी मात्र में पुलिस बल तैनात रहा।
सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है
कैप्टन मनोज पांडे चौक पर सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है। इसी चौराहे से 10-12 मीटर की दूरी पर 25 साल पुराना एक दुर्गा मंदिर है। रविवार की सुबह प्रशासनिक अधिकारी चौराहे पर पहुंचे। जहां नायब तहसीलदार महेंद्र तिवारी ने हथौड़ी-छेनी उठाई और मंदिर के अंदर रखी मूर्तियों को हटाने की प्रक्रिया की। मूर्तियां हटाने के बाद मंदिर को तोड़ने के लिए कहा गया, लेकिन पालिका के जेसीबी ड्राइवर ने मंदिर तोड़ने से मना किया। ऐसे में प्राइवेट जेसीबी की मदद ली गई और मंदिर को तोड़ दिया गया। मंदिर में स्थापित मूर्तियों को 100 मीटर दूर शक्ति मंदिर में रखवाया गया है। महज 10 मिनट के अंदर मंदिर के ढांचे को गिराने के बाद उसका मलबा भी हटवा दिया गया है।
प्रतिमा को नए स्थान पर स्थापित किया जाएगा
दो दिनों के अंदर प्रतिमा को नए स्थान पर स्थापित कर दिया जाएगा इस कार्रवाई के दौरान एडीएम नीतीश कुमार सिंह, एसडीएम दामिनी एम दास समेत भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। एडीएम नीतीश सिंह ने बताया कि मंदिर के पुजारी और ज्यादातर स्थानीय लोगों की सहमति के बाद ही यह निर्णय लिया गया।




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