IAS अफसर पर आरोप लगाने वाली महिला तहसीलदार हटाई गईं, मुख्यालय से हुईं संबद्ध
महिला अधिकारी के उत्पीड़न के आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई महिला संगठन या प्रशासनिक अधिकारी सामने नहीं आए हैं। दूसरी ओर विभिन्न आरोपों में घिरे आईएएस अधिकारी और ओएसडी से लेकर लेखपालों के समर्थन में तमाम सरकारी और गैर राजनैतिक संगठन बचाव में उतर आए।

UP News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के आईएएस अफसर पर गंभीर आरोपों के बाद टूंडला की महिला तहसीलदार राखी शर्मा पर उप्र राजस्व परिषद ने अनुशासनहीनता और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की है। जिला सूचना अधिकारी के अनुसार, उन्हें फिरोजाबाद से हटाकर राजस्व परिषद लखनऊ मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया है। जमीन संबंधी प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
टूंडला में तैनात रहीं तहसीलदार राखी शर्मा ने गुरुवार की देर रात अपना तबादला शिकोहाबाद किए जाने के बाद फिरोजाबाद के आईएएस अधिकारी, उनके ओएसडी, मुख्यालय लेखपालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रेसवार्ता की थी। उनके आरोपों का वीडियो वायरल होने के बाद शुक्रवार को जिले के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। महिला तहसीलदार ने आरोप लगाया है कि आईएएस अधिकारी के अधीनस्थ बाबुओं द्वारा भ्रष्टचार का कॉकस चलाया जा रहा है।
आईएएस अफसर पर आरोपों के बाद महिला तहसीलदार ने टूंडला से शिकोहाबाद में स्थानांतरण होने के बाद चार्ज नहीं लिया था। जबकि उनके स्थान पर भेजे तहसीलदार ने टूंडला में अपना चार्ज लेकर काम शुरू कर दिया था। शनिवार को बताया जा रहा था कि वह चार दिन के अवकाश पर चली गई हैं लेकिन शाम होते होते राजस्व परिषद द्वारा कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
कोई संगठन नहीं आया समर्थन के लिए
महिला अधिकारी के उत्पीड़न के आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई महिला संगठन आगे नहीं आया है। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से भी उन्हें समर्थन नहीं मिला है। दूसरी ओर विभिन्न आरोपों में घिरे आईएएस अधिकारी और ओएसडी से लेकर लेखपालों के समर्थन में तमाम सरकारी और गैर राजनैतिक संगठन बचाव में उतर आए। मिनिस्ट्रियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार और फिरोजाबाद उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष अम्बेश शर्मा ने अधिकारियों पर गलत आरोपों की बात कहते हुए महिला तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
आईएएस अफसर नहीं गए बैठकों में
आईएएस अफसर पर आरोपों के बाद उन्होंने भी शनिवार को सरकारी कार्यों से दूरी बना ली। वे किसी सरकारी बैठक में नहीं गए।
जिलाध्यक्ष बोले मेरे पत्र का किया फर्जी प्रयोग
आईएएस अधिकारी और महिला तहसीलादर के बीच चल रही खींचतान के बीच अचानक शुक्रवार की शाम को भाजपा के जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह का एक मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र जारी हुआ है जिसमें लिखा है कि तहसीलदार भ्रष्ट हैं और मोटा लेनदेन कर भू माफियाओं को बचाने का काम करती हैं। निलंबित करने की मांग की गई है। वहीं जिलाध्यक्ष ने इस पत्र को फर्जी करार दिया है।
इस पत्र को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि कई बार शिकायतों को लेकर आने वाले फरियादी उनसे खाली लैटर पैड ले जाते हैं और मोहर लगवा ले जाते हैं। ऐसे ही किसी परिचित ने उनके पत्र पर मोहर लगे होने का फायदा उठाकर गलत तरीके से महिला तहसीलदार के खिलाफ शिकायती पत्र बनाकर सीएम को संबोधित करके वायरल किया है। उनके द्वारा किसी प्रकार की शिकायत महिला तहसीलदार के खिलाफ नहीं की गई है।
उनको इस मामले से कोई लेनादेना नहीं है। बोले तीन साल के कार्यकाल में उनके लेटर पैड का दुरुपयोग दूसरी बार हुआ है। हालांकि इस तरह के फर्जी पत्र का दावा करने के साथ ही उनके द्वारा किसी प्रकार की पत्र को लेकर जांच कराने और दोषी पर कार्रवाई की कार्रवाई नहीं करने की बात कही है। जबकि सोशल मीडिया पर उनके ही भाजपाइयों द्वारा लगातार इसे वायरल करते हुए टिप्पणियां की जा रही हैं।




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