जमीनों के खेल में शामिल हैं वे, महिला तहसीलदार ने IAS अधिकारी और बाबुओं पर लगाए गंभीर आरोप
फिरोजाबाद में एक महिला तहसीलदार ने जिले में तैनात एक आईएएस अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। तहसीलदार का कहना है कि वह जमीनों के खेल में शामिल हैं। करोड़ों की एक जमीन बाबुओं के परिवारीजनों के नाम पर है। इसकी जांच आई तो IAS अधिकारी द्वारा उन पर गलत रिपोर्ट बनाने के लिए दबाव बनाया गया।

UP News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के प्रशासनिक अमले में उस वक्त सनसनी मच गई, जब टूंडला में तैनात महिला तहसीलदार ने जिले के एक आईएएस अधिकारी पर उत्पीड़न करने और उनके अधीनस्थ बाबुओं पर भ्रष्टाचार का कॉकस चलाने का आरोप लगाया। टूंडला तहसीलदार राखी शर्मा का आरोप है कि जिले के एक आईएएस अधिकारी जमीनों के खेल में शामिल हैं। करोड़ों की एक जमीन बाबुओं के परिजनों के नाम पर है। इसकी जांच आई तो आईएएस अधिकारी द्वारा उन पर गलत रिपोर्ट बनाने के लिए दबाव बनाया गया। ऐसा न करने पर आठ महीने तक वेतन रोक कर रखा तथा प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। तहसीलदार ने सीएम योगी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
महिला तहसीलदार का कहना है कि इस मामले में हाईकोर्ट में रिट दाखिल होने के बाद रात दस बजे ट्रेजरी खुलवाकर वेतन निकलवाया तो रिट वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। कोर्ट में कहा गया कि नोटिस का जवाब नहीं दिया, जबकि कभी स्पष्टीकरण तलब करने का नोटिस नहीं आया। वहीं एक बाबू पर आरोप लगाया है कि उसने 1.75 लाख रुपये का मोबाइल अधिकारी के नाम पर नवंबर में लिया। तहसीलदार का कहना है कि मुख्यमंत्री का जीरो टॉलरेंस, फीमेल एंपावरमेंट और वूमेन प्रोटेक्शन पर जोर है। उनके ही प्रदेश में महिला तहसीलदार इस स्थिति से गुजर रही है। आईएएस अधिकारी दुर्भावनापूर्ण व्यवहार कर रहे हैं। महिला तहसीलदार ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
बाबुओं के पक्ष में उतरा कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ
तहसीलदार राखी शर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों के पक्ष में मिनिस्ट्रिीय कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ खुलकर आ गया है। उन्होंने तहसीलदार के आरोपों को गलत बताते हुए जांच की मांग की है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा एवं जिला मंत्री सुमित कुमार ने कहा है तहसीलदार राखी शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र खन्ना, डीएलआरसी दौजीराम, ओएसडी शीलेंद्र शर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, जो पूरी तरह से निराधार है।
प्रशासन बोला- तहसीलदार के आरोप निराधार
तहसीलदार टूण्डला राखी शर्मा द्वारा लगाये आरोपों को लेकर जिला प्रशासन का कहना है कि आरोप निराधार हैं तथा यह उनके स्थानानान्तरण से उपजा आक्रोश है। जिला प्रशासन का कहना है कि तहसीलदार का स्थानान्तरण 16 अप्रैल को शासकीय हित में अन्य तहसीलदारों के साथ प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया। इन्होने तबादले से क्षुब्ध होकर ही उच्चाधिकारियों पर अनर्गल आरोप लगाए हैं। इनके द्वारा लगातार शासकीय कार्यों में लापरवाही और उदासीनता बरती जा रही है। इन्होने राजस्व परिषद के आदेशों की अवहेलना की। लेखपालों की उत्तर पुस्तिकाऐ न भेजने के कारण राखी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा चुकी है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के स्पष्ट निर्देशो के बाबजूद उन्होने नोटिसों का जवाब नहीं दिया जो कर्मचारी आचरण नियमावली का सीधा उल्लंघन है। अपने विरूद्ध चल रही जांचों को प्रभावित करने के लिए तहसीलदार द्वारा लगातार मनगढंत आरोप अधीनस्थ कर्मचारियों पर लगाए जा रहे है। एक युवक के विरूद्ध टूंडला में एफआईआर न होने का दावा भी जांच में गलत पाया है। उसके खिलाफ एफआईआर पहले ही थाना प्रभारी द्वारा दर्ज की जा चुकी है।




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