चंदौसी में हादसा: घर के अंदर सो रहे लोगों के ऊपर गिरी मकान की कच्ची छत, मलबे में आठ लोग दबे
संभल जिले के चंदौसी में दर्दनाक हादसा हो गया। करेला गांव में शुक्रवार देर रात एक पुराने मकान की कच्ची छत भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त घर में सो रहे आठ लोग मलबे में दब गए।

संभल जिले के चंदौसी में दर्दनाक हादसा हो गया। करेला गांव में शुक्रवार देर रात एक पुराने मकान की कच्ची छत भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त घर में सो रहे आठ लोग मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर सभी को बाहर निकाला। दो महिलाओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है।
गांव निवासी राजकुमार मौर्य के घर शादी का कार्यक्रम था। पड़ोसी होने के नाते टिंकू के घर में भी शादी के मेहमान और रिश्तेदार ठहरे हुए थे। रात करीब दो बजे कुछ मेहमान टिंकू के मकान की कच्ची छत पर चले गए। मकान पुराना और कच्चा होने के कारण छत अचानक गाटर चटकने के साथ बैठ गई। मलबे में गृहस्वामी टिंकू, उनकी मां सावित्री देवी (50), रामवती (55), ताराचंद (20), आकाश (14), अंजू (13), राधा (11) और मुनीश (18) दब गए।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने मलबे को हटाकर करीब डेढ़ घंटे बाद सभी आठ घायलों को बाहर निकाला और 108 एंबुलेंस से सीएचसी चन्दौसी पहुँचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल सावित्री और रामवती को जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए। अन्य घायलों को मामूली चोटें होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। ग्रामीणों ने बताया कि मकान की छत पहले से ही जर्जर थी। पड़ोसी के यहां शादी होने की वजह से छत पर लोगों की आवाजाही और रुकने से भार बढ़ गया, जिसे कमजोर गाटर सहन नहीं कर सका। फिलहाल सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। मौके पर पहुंची राजस्व और पुलिस टीम ने नुकसान का आकलन किया है।
निर्माणाधीन मकान की छत गिरने से मजदूर की मौत
एक महीने पहले सहारनपुर में भी हादसा हुआ था। गांव कपूरपुर रुपड़ी निर्माणाधीन मकान की छत गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई थी। थाना कुतुबशेर क्षेत्र के गांव ईगरी कलां निवासी नितिन (21) गांव कपूरपुर रुपड़ी में मजदूरी करने गया था। छत पर लिंटर डालने का काम चल रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन छत भरभराकर गिर गई। मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। नितिन मलबे में दब गया। वहां काम कर रहे अन्य मजदूरों और लोगों ने मलबा हटाकर उसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक नितिन दम तोड़ चुका था। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की। हादसे के बाद दोनों गांवों के बीच तनाव को देखते हुए बैठक की।




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