भाई की हत्या का बदला लेने के लिए युवक ने दी 10 लाख की सुपारी, पुलिस ने फेल किया प्लान
अलीगढ़ में पिछले साल जुलाई में हुई बिल्डर की हत्या का बदला लेने के लिए उसके भाई ने बड़ा षड्यंत्र रच डाला। जेल से बाहर आए हत्यारोपी की हत्या कराने के लिए शूटरों को 10 लाख रुपये में सुपारी दी। हालांकि पुलिस ने आरोपित के प्लान पर पानी फेर दिया।

UP News: यूपी के अलीगढ़ से एक सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। जहां सिविल लाइन क्षेत्र में पिछले साल जुलाई में हुई बिल्डर की हत्या का बदला लेने के लिए उसके भाई ने बड़ा षड्यंत्र रच डाला। जेल से बाहर आए हत्यारोपी की हत्या कराने के लिए शूटरों को 10 लाख रुपये में सुपारी दी। पांच लाख रुपये एडवांस दिए गए। बाकी हत्या के बाद देना तय हुआ। छह मई से पहले हत्या करनी थी। लेकिन, पुलिस ने उससे पहले ही षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए मुख्यारोपी शैजी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में एएमयू का पूर्व छात्र व हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है।
मेडिकल रोड स्थित रफा कांप्लेक्स के रहने वाले 48 वर्षीय लाडले खान को 21 जुलाई 2025 को एडीएम कंपाउंड के पास दिनदहाड़े बाइक सवार युवकों ने गोलियां बरसाई थीं। उनके सीने, पेट, कनपटी व दाहिने हाथ में चार गोलियां लगीं थी। जेएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में लाडले के छोटे भाई ने शाहजी उर्फ शैजी ने आदम व इस्लाम , उसके साथी वसीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। एसएसपी नीरज जादौन ने रविवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि कुछ माह पहले आदम जेल से छूटकर बाहर आया है। शैजी ने आदम की हत्या कराने के लिए शूटरों को सुपारी दी। उन्हें आदम की फोटो व पिस्टल उपलब्ध कराई थी।
छह मई को आदम के केस में न्यायालय में तारीख लगी थी। इससे पहले ही हत्या को अंजाम देना था। पुलिस पहले ही घटना की रंजिश पर काम कर रही थी। मुखबिरों की मदद से आरोपियों की योजना को नाकाम करते हुए थाना सिविल लाइन पुलिस व स्वॉट, सर्विलांस की संयुक्त टीमों ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें जीवनगढ़ गली नंबर 14 निवासी अरशद पुत्र अब्दुल अली, दिल्ली के शाहदरा के ओल्ड सीमापुरी निवासी दिलशाद उर्फ शाहरूख पुत्र अब्दुल सलाम, बदायूं के थाना अलापुर क्षेत्र के ककराला निवासी सलमान पुत्र तनवीर हसन व सर सैयद नगर स्थित अलहम्द अपार्टमेंट निवासी शाहजी खान उर्फ शैजी पुत्र दर्शन खान शामिल हैं। इनके पास से एक अवैध पिस्टल, पांच कारतूस व टारगेट आदम का फोटो बरामद हुआ है। एक दिल्ली का आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
चार माह पहले से बन रही थी योजना, शूटर कर रहे थे रैकी
जनवरी में आदम की जमानत मंजूर हो गई थी। तभी से शैजी उसकी हत्या करने की योजना बना रहा था। इसमें उसने अपने दोस्त सलमान ककराला की मदद ली, जो हिस्ट्रीशीटर है। उस पर सिविल लाइन, बन्नादेवी थानों में जानलेवा हमला, लूट, गोवध अधिनियम, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर के 19 मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा शाहजी ने अपने मेडिकल स्टोर के नौकर अरशद के माध्यम से उसके दिल्ली के रिश्तेदारों समेत चार लोगों को 10 लाख रुपये में सुपारी दी गई। आदम केस की पैरवी के लिए अलीगढ़ आया हुआ था। शूटर फैसल व शाहरुख उसकी रैकी कर रहे थे। मौका मिलते ही हत्या करने की योजना थी। शैजी पर सिविल लाइन, बुलंदशहर के खुर्जा थाने में पांच मुकदमे दर्ज हैं। अरशद पर भी दो मुकदमे दर्ज हैं।
एकतरफा प्यार में की गई थी हत्या, आदम था टारगेट
आदम ने बताया था कि एकतरफा प्यार में उसने गोली मारी थी। उसके यहां एक महिला व उसकी बेटी घरेलू कामकाज करती थी। उन्हें निकाल दिया गया तो लाडले ने उनको अपने फ्लैट में रख लिया। आदम को महिला की बेटी से प्रेम हो गया था। ऐसे में युवती के लाडले के साथ रहने पर उसे आपत्ति थी। साथ ही लड़की ने उस पर पॉक्सो का मुकदमा करा दिया था, जिसकी पैरवी भी लाडले कर रहे थे। इस मुकदमे से उसकी साख पर बट्टा लग गया था। इसलिए उसने गोली मारी थी। इसी वजह से शैजी का टारगेट केवल आदम था।




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