पति पीटता है, खाना भी नहीं देता...ससुराल में बंधक बनी महिला ने फोन कर मांगी मदद, पुलिस ने कराया मुक्त
कानपुर में रहने वाली एक महिला ने लखनऊ के वन स्टॉप सेंटर को फोन ससुराल और पति पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। इस पर पुलिस उसके ससुराल पहुंची और महिला और दोनों बच्चियों को घर से निकाला और खाना खिलाने के बाद लखनऊ मायके भिजवाया।

UP News: नशे की हालत में पति पीटता है, दो वक्त का खाना भी नहीं मिलता है। इतनी भीषण गर्मी के बाद भी कमरे में पंखा तक नहीं है। मैं और दोनों बेटियां भूख और गर्मी से तड़प रही हैं। मैं मायके जाना चाहती हूं लेकिन घर वाले जाने नहीं दे रहे हैं।’ कानपुर की रहने वाली महिला ने शनिवार को लखनऊ के वन स्टॉप सेंटर में फोन कर यह दर्द बयां किया तो कानपुर टीम बर्रा पुलिस के साथ उसके घर जा पहुंची। पति तो घर में नहीं मिला लेकिन परिवार वालों ने बड़ी मुश्किल से दरवाजा खोला। इसके बाद टीम ने महिला और दोनों बच्चियों को घर से निकाला और खाना खिलाने के बाद लखनऊ मायके भिजवाया। फिलहाल महिला ने ससुराल वालों पर किसी भी तरह की कार्रवाई से इनकार कर दिया है।
लखनऊ की रहने वाली महिला की शादी बर्रा में टेंट कारोबारी से हुई है। दोनों के दो बेटियां है। महिला ने लखनऊ वन स्टॉप सेंटर को फोन करके पति के उत्पीड़न की जानकारी दी। सूचना पर तत्काल वन स्टॉप सेंटर कानपुर की प्रभारी वंदना द्विवेदी बर्रा पुलिस के साथ पहुंचीं। टीम के मुताबिक परिजनों ने पहले अंदर नहीं जाने दिया।
काफी पूछताछ के बाद ससुराल वालों ने दरवाजा खोला। जब टीम महिला को ले जाने लगी तो उन्होंने रोकने का प्रयास किया। फिर भी महिला को घर से निकाला गया। महिला ने कहा, ‘यहां रहना मुश्किल हो गया है। दो वक्त का खाना तक नहीं मिलता है। आए दिन शराब के नशे में पति पीटता है। बच्चों के भविष्य का अता-पता नहीं है। इसलिए मैं घर जाना चाहती हूं।’ इसके बाद टीम ने महिला को लखनऊ भिजवा दिया।
नशे में पति इतना पीटता कि शरीर पर पड़े निशान
महिला ने टीम को बताया कि शराब के नशे में पति इतना पीटता है कि शरीर पर निशान पड़ जाते हैं। पिटाई से परेशान होकर मदद की गुहार लगाई है। अब मायके जाकर आगे की जिन्दगी के बारे में सोचूंगी। भीषण गर्मी में घर में पंखा तक नहीं है। खाना तक नहीं देते हैं। शराब की वजह से माता-पिता से लेकर सभी रिश्तेदारों ने नाता तोड़ लिया है। इस मामले को लेकर जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह ने बताया कि लखनऊ वन स्टॉप सेंटर की सूचना पर महिला व उनकी बेटियों को बंधक मुक्त कराया गया। महिला को खाना तक नहीं दिया जा रहा था। वह भूखी थी। खाना खिलाने के बाद महिला को मायके लखनऊ भिजवा दिया गया है।




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