यूपी में आयुष्मान कार्ड के लिए चल रहा विशेष अभियान, जाने लें अप्रैल की इस डेट तक बनवा सकेंगे
यूपी में आयुष्मान कार्ड के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 15 जनवरी से शुरू हुए अभियान के जरिये प्रदेशभर में प्रतिदिन 60 हजार कार्ड बनाए जा रहे हैं। यह सिलसिला 15 अप्रैल तक चलेगा।

यूपी में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रदेशभर में छूटे पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड का लाभ देने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 15 जनवरी से शुरू हुए अभियान के जरिये प्रदेशभर में प्रतिदिन 60 हजार कार्ड बनाए जा रहे हैं। यह सिलसिला 15 अप्रैल तक चलेगा। वहीं अभियान से पहले नवंबर और दिसंबर में प्रतिदिन 9 से 10 हजार आयुष्मान कार्ड बनाए गए।
स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने और सूचीबद्ध अस्पतालों को समयबद्ध भुगतान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में योजना से छूटे शेष पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड से आच्छादित करने के उद्देश्य से 15 जनवरी से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए स्टेट हेल्थ एजेंसी द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई, जिससे अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सके। अभियान के दौरान प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है और जिलों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए। इसी का परिणाम है कि प्रदेश ने अब तक 5.59 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाकर देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
45 दिन में 874 करोड़ की राशि के दावों का निस्तारण
सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि अस्पतालों के दावों के निस्तारण के क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। जनवरी-25 में जहां लंबित दावों की संख्या 10.5 लाख थी। वहीं फरवरी-26 में यह घटकर 2.72 लाख रह गई है। वर्तमान में प्रतिमाह औसतन 3 से 3.5 लाख दावे भुगतान के लिए प्राप्त हो रहे हैं, जिनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है।
दावों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू
साचीज एसीईओ पूजा यादव ने बताया कि स्टेट हेल्थ एजेंसी द्वारा दावों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की गई है। इसके परिणामस्वरूप दावों के निस्तारण का प्रतिशत बढ़कर 82 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी-26 से 16 फरवरी-26 तक कुल 874 करोड़ रुपये की राशि के दावों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया है। यह उपलब्धि सूचीबद्ध अस्पतालों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समय पर भुगतान मिलने से अस्पतालों का विश्वास मजबूत हुआ है और वे अधिक से अधिक लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।




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