पुलिसवाला पुलिसवालों से ही कर रहा था वसूली, ऐक्शन में SSP; दो दरोगा-एक हेडकांस्टेबल सस्पेंड
पुलिस लाइन में तैनात मेजर हेड कांस्टेबल पर लाइन में प्रशिक्षु आरक्षियों से अवैध वसूली किए जाने की शिकायत मिली थी। आरोप है कि प्रशिक्षक ने प्रशिक्षु आरक्षियों से फायरिंग और इंडोर परीक्षा के नाम पर वसूली की थी। SSP ने जांच SP क्राइम को सौंपी थी। जांच में प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए गए।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक पुलिसवाला पुलिसवालों से ही वसूली कर रहा था। पुलिसलाइन में तैनात इस मेजर हेड कांस्टेबल (प्रशिक्षक) को प्रशिक्षु आरक्षियों से अवैध वसूली की शिकायत पर एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है। ऐक्शन में आए एसएसपी ने इसके अलावा रतनपुरी और सिखेड़ा थाने में तैनात दो दरोगा को भी निलंबित कर दिया है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
पुलिस लाइन में तैनात मेजर हेड कांस्टेबल पर लाइन में प्रशिक्षु आरक्षियों से अवैध वसूली किए जाने की शिकायत मिली थी। आरोप है कि प्रशिक्षक ने प्रशिक्षु आरक्षियों से फायरिंग और इंडोर परीक्षा के नाम पर अवैध वसूली की थी। एसएसपी ने जांच एसपी क्राइम इन्दु सिद्वार्थ को सौंपी थी। मिली जानकारी के अनुसार जांच में प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसपी क्राइम की रिपोर्ट पर एसएसपी ने मेजर हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने इस मामले की विस्तृत जांच एसपी ट्रैफिक को सौंपी है।
वहीं, एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि रतनपुरी थाने में तैनात दरोगा ने रतनपुरी थाना क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री की विस्फोट की विवेचना करने से इंकार कर दिया। इस मामले में सीओ बुढ़ाना की रिपोर्ट पर दरोगा को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा सिखेड़ा थाने में तैनात एक दरोगा को भी सस्पेंड किया गया है।
एसएसपी ने बताया कि कुछ दिन पहले महाराष्ट्र पुलिस ने गांव निराना में एक घर में दबिश दी थी। कार्रवाई में उक्त दरोगा भी उनके साथ गए थे। महाराष्ट्र पुलिस कार्रवाई कर लौट गई, लेकिन आरोप है कि सिखेड़ा थाने के दरोगा, उक्त परिवार को डर दिखाकर अवैध वसूली में लगे हुए थे। जांच में प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट पर दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है।




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