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यूपी के एक जिले में बड़ा अभियान शुरू, मकान और प्लॉट मालिकों के लिए अनिवार्य हुआ ये काम

उत्तर प्रदेश की राजधानी में फर्जीवाड़ा रोकने को लेकर बड़ा अभियान शुरू हो गया है। यहां संपत्ति खरीदने वाले हर मकान  और प्लॉट मालिकों को अनिवार्य रूप से केवाईसी करानी होगी।

Mon, 25 May 2026 06:26 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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यूपी के एक जिले में बड़ा अभियान शुरू, मकान और प्लॉट मालिकों के लिए अनिवार्य हुआ ये काम

UP News: राजधानी लखनऊ में जमीन और मकान के फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। अब एलडीए से संपत्ति खरीदने वाले हर भवन और भूखंड स्वामी को अनिवार्य रूप से केवाईसी करानी होगी। इसके लिए प्राधिकरण ने योजनाओं में आवंटियों और खरीदारों को मैसेज भेजना भी शुरू कर दिया है।

एलडीए के इस अभियान के तहत सभी भवनों और भूखंडों का पूरा ब्योरा जुटाया जाएगा। केवाईसी के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि किस संपत्ति की रजिस्ट्री हो चुकी है और कौन सी अभी लंबित है। आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज लिए जाएंगे, जिससे संपत्तियों को आधार से भी लिंक किया जा सकेगा।

अधिकारियों का कहना है कि नाम, पता और मोबाइल नंबर अपडेट होने से भविष्य में किसी भी संपत्ति के बारे में सीधे एलडीए से जानकारी ली जा सकेगी। इससे विवादित संपत्तियों और फर्जी खरीद-फरोख्त पर बड़ा असर पड़ेगा।

फर्जीवाड़े पर एलडीए का बड़ा प्रहार

प्राधिकरण का मानना है कि वर्षों से कई योजनाओं में फाइलों के गायब होने, रिकॉर्ड अधूरे रहने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्तियों की खरीद-बिक्री की शिकायतें मिलती रही हैं। अब केवाईसी के जरिए हर संपत्ति का नया और प्रमाणित डेटा तैयार किया जाएगा। इस अभियान से डुप्लीकेट मालिकाना हक, फर्जी रजिस्ट्री और बोगस ट्रांसफर जैसे मामलों पर रोक लगने की उम्मीद है।

घर-घर जाएगी एलडीए की टीम

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर अभियान तेज कर दिया गया है। जिन लोगों के मोबाइल नंबर प्राधिकरण के पास उपलब्ध हैं, उन्हें लगातार संदेश भेजे जा रहे हैं। संपत्ति मालिकों को प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर केवाईसी पूरी करनी होगी। इसके अलावा एलडीए की टीमें घर-घर जाकर भी सत्यापन करेंगी और मौके पर ही दस्तावेजों का मिलान करेंगी।

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गायब फाइलों का भी मिलेगा रिकॉर्ड

एलडीए अधिकारियों के मुताबिक इस प्रक्रिया से प्राधिकरण की उन संपत्तियों का रिकॉर्ड भी दोबारा तैयार हो सकेगा, जिनकी फाइलें वर्षों में गायब हो गईं या अधूरी रह गईं। डिजिटल डेटा तैयार होने के बाद संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और भविष्य में विवाद की स्थिति कम होगी।

संपत्ति मालिकों के लिए राहत भी, सख्ती भी

प्राधिकरण इस अभियान को भविष्य की सभी संपत्ति संबंधी सेवाओं से जोड़ने की तैयारी में है। ऐसे में जिन लोगों ने समय रहते केवाईसी नहीं कराई, उन्हें नामांतरण, ट्रांसफर, नक्शा पास कराने या अन्य कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। एलडीए का दावा है कि यह अभियान राजधानी में संपत्तियों को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम साबित होगा।

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