ग्राम पंचायत में फर्जी भुगतान व बड़ी अनियमितताओं का मामला सामने आया, फंसे प्रधान और सचिव
ग्राम पंचायत में फर्जी भुगतान व बड़ी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। पंचायत विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। डीपीआरओ लालजी दूबे ने तत्कालीन पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में साक्ष्य सहित जवाब मांगा है। प्रधान और सचिव फंस गए हैं।
यूपी के गोंडा जिला में रुपईडीह विकास खंड की ग्राम पंचायत देवरिया कलां में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के फर्जी भुगतान और निर्माण कार्यों में बड़ी अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद पंचायत विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। डीपीआरओ लालजी दूबे ने तत्कालीन पंचायत सचिव अजीत गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में साक्ष्य सहित जवाब मांगा है। जांच में ग्राम प्रधान निर्मला देवी, वर्तमान सचिव विनय कुमार समेत अन्य जिम्मेदारों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। प्रधान और सचिव फंस गए हैं।
डीएम के निर्देश पर हुई जांच में वर्ष 2021, 2022 और 2024 में कुल आठ लाख 38 हजार 218 रुपये के संदिग्ध भुगतान का खुलासा हुआ। जांच रिपोर्ट के अनुसार 12 नवंबर 2021 को 3,24,265 रुपये, 28 जुलाई 2022 को 4,99,800 रुपये और वर्ष 2024 में 15 हजार और 2,153 रुपये अज्ञात मद में निकाले गए। जांच टीम ने संबंधित अभिलेख, बिल-वाउचर और मूल पत्रावली प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। इससे फर्जी भुगतान की आशंका और मजबूत हो गई। ह्यूम पाइप खरीद में भी बड़ा घोटाला सामने आया।
खड़ंजा निर्माण कार्य में भी हेराफेरी उजागर
अभिलेखों में 410.5 मीटर पाइप खरीद और उपयोग दिखाया गया, जबकि मौके पर केवल 189.5 मीटर पाइप ही मिला। 159 मीटर पाइप का कोई भौतिक सत्यापन नहीं हो सका, जबकि कुल 221 मीटर पाइप का हिसाब गायब मिला। खड़ंजा निर्माण कार्य में भी हेराफेरी उजागर हुई। पोर्टल पर कृष्ण कुमार के खेत से उनके घर तक 79 मीटर कार्य दिखाया गया, जबकि स्वीकृत स्थल खेत से अवधेश दूबे के बाग तक था। जांच टीम ने इसे गंभीर अनियमितता माना है। डीएम के आदेश पर बीते पांच को ग्राम प्रधान निर्मला देवी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं। डीपीआरओ लालजी दूबे ने सचिवों को चेतावनी दी है कि तय समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानाें में भुगतान की होड़
वहीं फर्रुखाबाद में लगभग ग्राम पंचायतों में 26 मई को प्रधान अपनी कुर्सी से उतर जाएंगे। कुर्सी पर उतरने के अंतिम दिनों में सरकारी खजाने को खाली करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। ग्राम पंचायतों में भुगतान की ऐसी होड़ मची है कि तीन दिन में 4 करोड़ 15 लाख 71 हजार का भुगतान हो चुका है। ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है कि पांच साल में विकास कहां था। ग्रामीण भी यही सवाल पूछ रहे हैं। कार्यकाल के अंतिम समय में तीन दिनों में इतना बड़ा भुगतान कहीं न कहीं जांच का विषय भी हो सकता है।




साइन इन