यूपी: 4 मंजिला बिल्डिंग में अचानक लगी आग, होने लगे धमाके, लाइब्रेरी में फंसे 100 छात्र; फिर...
इस चार मंजिला भवन में एक लाइब्रेरी संचालित होती है, जबकि दो परिवार किराए पर रह रहते हैं। कुछ छात्र यहां किराए पर रहकर पॉलीटेक्निक की पढ़ाई भी करते हैं। शनिवार शाम करीब साढ़े 5 बजे अचानक भवन में आग लग गई।आग ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। चारों ओर धुएं का गुबार छा गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के आगरा में आगरा-ग्वालियर हाइवे स्थित क्रिस्टल सिटी मोड़ पर शनिवार शाम चार मंजिला भवन में आग लग गई। भवन में रखे छोटे गैस सिलेंडरों में धमाके होने लगे। वहां संचालित लाइब्रेरी से सौ छात्रों, दुकानों और कमरों से अन्य लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। फायर ब्रिगेड की छह दमकलों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
इस चार मंजिला भवन में एक लाइब्रेरी संचालित होती है, जबकि दो परिवार किराए पर रह रहते हैं। कुछ छात्र यहां किराए पर रहकर पॉलीटेक्निक की पढ़ाई भी करते हैं। शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे अचानक भवन में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। चारों ओर धुएं का गुबार छा गया। यह देख हाइवे पर अफरा-तफरी मच गई। लाइब्रेरी में उस समय करीब सौ छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे थे। आग की सूचना मिलते ही एसीपी सैंया डॉ. सुकन्या शर्मा, थाना मलपुरा प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र वशिष्ठ, पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंचे।
छोटे सिलेंडर फटने से फैली आग
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) देवेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया है कि भवन में रखे छोटे सिलेंडरों के फटने से आग तेजी से फैलती चली गई। इससे राहत कार्य में भी कठिनाई आई। हालांकि दमकल कर्मियों ने लगातार प्रयास कर रात करीब आठ बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस एवं अग्निशमन विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। घटना के बाद देर रात तक पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
प्रशिक्षु आईपीएस डागा ने भवन में घुसकर निकाले लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार थाना सैंया क्षेत्र में तैनात प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी अभय डागा उसी समय आगरा-ग्वालियर हाइव से गुजर रहे थे। उन्होंने चार मंजिला भवन में आग लगती देख तत्काल वाहन रोका। बिना समय गंवाए भवन में पहुंचकर छात्रों एवं अन्य लोगों को बाहर निकलवाना शुरू कर दिया। उनकी तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद फायर ब्रिगेड एवं पुलिस को सूचना दी गई।
पीछे से रस्सी से निकाले चार छात्र
भवन की ऊपरी मंजिल पर रह रहे पॉलीटेक्निक के छात्र दिनेश कुमार (इटावा), हर्षित कुमार (हरदोई), नरेंद्र यादव (मैनपुरी) और पीयूष कनौजिया ने बताया कि आग लगने के बाद वह ऊपर फंस गए थे। नीचे लपटें और धुआं होने के कारण निकलना संभव नहीं था। इस दौरान उनके मित्र शिवांश भारद्वाज ने साहस दिखाते हुए पीछे की ओर से रस्सी की व्यवस्था की। उसके सहारे सभी छात्रों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाल बाहर निकाला गया।
पुस्तकें, फर्नीचर और घरेलू सामान खाक
अग्निकांड में भवन में रखा घरेलू सामान, छात्रों की पुस्तकें, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा अन्य सामग्री जलकर राख हो गई। किराएदार परिवारों ने भी अपना अधिकांश सामान नष्ट होने की बात कही है। किराएदार राजू रघुवंशी ने बताया कि उनका सब कुछ जलकर खाक हो गया है। वहीं एडवोकेट योगेंद्र चौधरी का भी समान जल गया।




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