ओम प्रकाश राजभर की मुश्किलें बढ़ीं, MP/MLA कोर्ट ने परिवाद दर्ज करने के दिए निर्देश, जानें क्या है मामला
यूपी कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कोर्ट ने सपा प्रदेश अध्यक्ष की ओर से दाखिल परिवाद को दर्ज करने का आदेश दिया है। यह परिवाद मंत्री के उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने सपा शासनकाल में एसडीएम नियुक्तियों को लेकर कथित रूप से भ्रामक टिप्पणी की थी।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दरअसल, प्रयागराज की एमपी/एमएलए कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री के खिलाफ समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से दाखिल परिवाद पर सुनवाई हुई। जिस पर विशेष न्यायाधीश योगेश जैन ने परिवाद को विधिवत दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने मामले में परिवादी का बयान दर्ज करने के लिए 24 मार्च 2026 की तारीख नियत की है।
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 28 दिसंबर 2025 को बलिया में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने वर्ष 2012-2017 के समाजवादी पार्टी शासनकाल में एसडीएम नियुक्तियों को लेकर भ्रामक और असत्य बयान दिया। परिवादी का कहना है कि उक्त बयान से न केवल पार्टी की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचा, बल्कि एक विशेष समुदाय के विरुद्ध सामाजिक वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया गया।
परिवाद में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित नियुक्तियां लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के माध्यम से हुई थीं और मंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़े किसी भी आधिकारिक अभिलेख से मेल नहीं खाते। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 356, 356(2), 356(3), 352 एवं 353 के अंतर्गत कार्रवाई की मांग की गई है। परिवादी पक्ष के अधिवक्ता विनीत विक्रम सिंह सहित अखिलेश यादव,अनिल यादव एवं अम्मार हनीफ की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया।
रविवार को आजमगढ़ में विशाल जनसभा करेंगे ओपी राजभर
उधर, मंत्री ओम प्रकाश राजभर 22 फरवरी को आजमगढ़ में एक विशाल जनसभा करने जा रहे हैं। इसे 'सामाजिक समरसता रैली' का नाम दिया गया है। मिशन 2027 के मद्देनजर सुभासपा का यह शक्ति प्रदर्शन बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि आजमगढ़ लंबे समय से समाजवादी पार्टी का सबसे मजबूत गढ़ रहा है।
सुभासपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर के अनुसार, यह महारैली अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र के जनता इंटर कॉलेज, अहिरौला में आयोजित होगी। इस रैली में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत एनडीए घटक दलों के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजभर यह साबित करना चाहते हैं कि पूर्वांचल के राजभर और अन्य पिछड़ी जातियों के वोट बैंक पर उनकी पकड़ आज भी बरकरार है। अतरौलिया की इस रैली के जरिए सुभासपा का इरादा सपा के ‘एम-वाई’ समीकरण के जवाब में एक नया सामाजिक समीकरण तैयार करना है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने रैली को सफल बनाने के लिए गांव-गांव जाकर जनसंपर्क तेज कर दिया है।




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