यौन शोषण मामले में जेई और उसकी पत्नी को फांसी की सजा, 34 बच्चों के साथ बनाए थे पोर्न वीडियो
यूपी में 34 बच्चों के साथ पोर्न वीडियो बनाने और यौन शोषण के दोषी जेई और उसकी पत्नी को फांसी की सजा सुनाई गई है। साथ ही कोर्ट ने दोषी के घर से जब्त 7 लाख रपपये बच्चों को दिए जाने का भी आदेश दिया है।

यूपी के तीन जिलों के 34 बच्चों के साथ पोर्न वीडियो बनाने व यौन शोषण के दोषी जेई राम भवन व उनकी पत्नी दुर्गावती को शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई गई। न्यायधीश प्रदीप मिश्रा ने फैसला सुनाते हुए रामभवन के घर से जब्त 8 लाख रुपये बच्चों को दिए जाने के आदेश दिए हैं। बता दें कि मामले में दो लाख से अधिक बच्चों के यौन शोषण के वीडियो सामने आए थे। इन्हें विदेश तक भेजा गया था। सीबीआई ने अक्टूबर 2020 में मामला दर्ज किया था। जिसके बाद पुलिस मामले की कार्रवाई में जुट गई थी।
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार इंटरपोल ने 17 अक्तूबर 2020 को मामले की एक जानकारी साझा की। इसमें एक पेन ड्राइव भी थी, जिसमें 34 बच्चों के यौन शोषण से जुड़े वीडियो और 679 फोटोज शामिल थे। केद्रींय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच के बाद नई दिल्ली में 31 अक्तूबर 2020 को केस दर्ज कराया। रिपोर्ट के अनुसार सीबीआई ने बताया कि उनके पास पुख्ता जानकारी है कि बांदा के नरैनी में जवाहर नगर मोहल्ला के रहने वाले चुन्ना प्रसाद कुशवाहा के जेई रामभवन कुछ लोगों के साथ मिलकर बांदा, चित्रकूट और हमीरपुर के नाबालिग बच्चों का यौन शोषण कर रहा है। यही नहीं रामभवन और अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने घिनौने कृत्यों के दौरान बच्चों की तस्वीरें व पोर्न वीडियो भी बनाए हैं। आरोपी नाबालिग बच्चों के यौन शोषण की तस्वीरें और वीडियो पोर्न साइट पर भेज रहे हैं।
चित्रकूट से किया गया था गिरफ्तार
सारी जानकारी जुटाने के बाद सीबीआई ने 16 नवंबर 2020 को रामभवन को चित्रकूट के एसडीएम कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। रामभवन से पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे हुए। रामभवन डार्कवेब व अन्य सोशल साइट वीडियो प्लेटफार्म/वेबसाइड आदि पर बाल यौन शोषण से संबंधित तस्वीरें और वीडियो बेचने के लिए तीन मोबाइल नंबर और तीन ईमेल आईडी का उपयोग करता था। आरोपी से पूछताछ और जांच के बाद सीबीआई ने 28 दिसंबर 2020 को रामभवन की पत्नी दुर्गावती को भी गिरफ्तार कर लिया।
विवेचक सीबीआई के सेवानिवृत अपर पुलिस अक्षीक्षक अमित कुमार ने मामले में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान पांच जून 2023 से अभी तक कुल 74 गवाह पेश किए गए। इनमें पीड़ित 25 बच्चे व दिल्ली एम्स के डाक्टर, शिक्षक व अन्य गवाह शामिल हैं। सीबीआई के अधिवक्ता अभियोजन धारा सिंह मीणा व बचाव पक्ष के अधिवक्ता भूरा प्रसाद निषाद की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपने 163 पेज के फैसले में जेई रामभवन व पत्नी दुर्गावती को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
पीड़ित बच्चों को 10-10 लाख की सहायता
फैसले में कहा गया कि जुर्माने की रकम में साक्ष्य व गवाह के रूप मे उपस्थित होने वाले बच्चों को एक-एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। अदालत ने पीड़ित बच्चों के परिवारों को राज्य और केंद्र सरकार की ओर से 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने का भी आदेश दिया है।
हाईकोर्ट में अपील करेंगे
वहीं, दोषी राम भवन के वकील भरा प्रसाद निषाद का कहना है कि मामले में दुर्गावती निर्दोष है उसने सिर्फ अपने पति रामभवन के बचाव की पैरवी की है। रामभवन के खिलाफ रिपोर्ट या किसी बच्चे या अभिभावक के द्वारा कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। केंद्र सरकार ने 27 नवंबर 2020 को विवेचना का आदेश दिया जबकि सीबीआई ने उसे पहले ही 20 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया था। वह फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।




साइन इन