करोड़ों कमाने की हसरत ने जेई और पत्नी को बनाया हैवान, 10 साल तक चलता रहा क्रूरता का खेल
बांदा में करोड़ों रुपये कमाने की हसरत ने जेई और उसकी पत्नी को हैवान बना दिया। दोनों चाइल्ड पोर्न के धंधे में उतर गए और बुंदेलखंड के बच्चों के पोर्न वीडियो को विदेशों में बेचने लगे थे। इस मामले का जब खुलासा हुआ तो हर कोई हैरान रह गया।

यूपी के बांदा में करोड़ों रुपये कमाने की हसरत ने जेई और उसकी पत्नी को हैवान बना दिया। दोनों चाइल्ड पोर्न के धंधे में उतर गए और बुंदेलखंड के बच्चों के पोर्न वीडियो को विदेशों में बेचने लगे थे। इस मामले का जब खुलासा हुआ तो हर कोई हैरान रह गया। छानबीन करने वाली सीबीआई टीम जब सुरागों की कड़ियां जोड़ने लगी तो उसे भी पसीना आ गया। पूरा मामला इन दिनों में चर्चा में आए एपस्टीन कांड जैसा था। सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक शातिर रामभवन ने ब्राजील, अमेरिका, चीन, अफगानिस्तान समेत करीब 47 देशों में बुंदेलखंड के बच्चों के पोर्न वीडियो बेचे थे। एक पोर्न वीडियो डार्क वेब पर अपलोड करने पर लाखों रुपये मिलते थे। 34 बच्चों के 679 वीडियो बनाकर जेई ने बेचे और इससे करोड़ों की कमाई की। इसमें उसकी पत्नी दुर्गावती बराबर साथ देती रही। दस साल तक यह सिलसिला चलता रहा, पर पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इंटरपोल के माध्यम से सीबीआई तक मामला पहुंचा और आगे की कार्रवाई शुरू हुई।
सीबीआई ने जांच के बाद बुंदेलखंड और उससे बाहर रामभवन का नेटवर्क खंगालने की कोशिश की पर आगे कोई सुराग नहीं मिला। पहले माना जा रहा था कि इस धंधे में कुछ हाई प्रोफाइल चेहरे सामने आ सकते हैं। लेिकन अंतत: सीबीआईने रामभवन और उसकी पत्नी पर ही चार्जशीट फाइल की। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक सभी वर्चुअल प्लेटफार्म से बच्चों के फोटो वीडियो डिलीट कराने में भी सीबीआई को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अब भी गारंटी के साथ यह नहीं कहा जा सकता कि डार्क वेब में वह सारे फोटो वीडियो पूरी तरह डिलीट हो चुके हैं।
दरिंदगी की इंतहा: बच्चों की हालत देख डॉक्टर भी कांप उठे
अदालत ने बच्चों के यौन शोषण के मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि रामभवन की हैवानियत ने बच्चों को मर्मांतक तकलीफ दी। किसी की आंख घूम गई तो किसी के नाजुक अंग क्षतिग्रस्त हो गए। दिल्ली एम्स में बच्चों का इलाज चला। इलाज करने वाले डॉक्टरों की टीम ने कोर्ट में गवाही भी दी, जो फैसले का आधार बनी। दरिंदगी देख डॉक्टर भी विचलित हो गए थे। कई बच्चों का पूरा जीवन नरक हो गया है। बच्चों के यौन शौषण में दोषी जेई रामभवन की नौकरी 2009 में सिंचाई विभाग में लगी थी। पहले हमीरपुर, महोबा फिर चित्रकूट में उसे तैनाती मिली। इससे उसका नेटवर्क पूरे बुंदेलखंड में था।
पैसे का लालच देकर बच्चों को फंसाती थी जेई की पत्नी
नौकरी लगने के एक साल बाद 2011 में प्रयागराज में पूर्ति निरीक्षक रहे सत्यनारायण की बेटी दुर्गावती से रामभवन की शादी हुई। इसके बाद दोनों करोड़पति बनने के सपने देखने लगे। जेई के शातिर दिमाग ने इस दुष्कृत्य की योजना बनाई। इसमें पत्नी दुर्गावती भी शामिल हो गई। सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक रामभवन और उसकी पत्नी छह से 17 साल तक के बच्चों को पैसे का लालच देकर फंसाते थे और सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस व चित्रकूट में एसडीएम कालोनी के पास किराए के घर में ले जाते थे। यहां बच्चों का यौन शोषण करते थे और पोर्न वीडियो व फोटो बनाते थे। जेई रामभवन तीन ई-मेल आईडी का प्रयोग करता था। उसके पास कई मोबाइल भी थे। एक नंबर से वह सभी से बात करता था। दो नंबर गोपनीय थे। इन्हीं नंबरों से वह घिनौने कार्य करता था। पोर्न वीडियो बनाकर पोर्न साइट पर डालता था।




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