उदयपुर में ANM की संदिग्ध मौत, डॉक्टर के घर की सीढ़ियों पर मिली लाश; शादी के दबाव का एंगल आया सामने
पुलिस ने बताया कि मृतका की पहचान सीखर निवासी अनिता मीणा के रूप में हुई है। उसने बताया कि अनिता राजपुरा स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ थी और उसका शव डॉ. सुरेंद्र बिजारणिया के सरकारी आवास की सीढ़ियों पर मिला।

राजस्थान के उदयपुर जिले के कानोड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक के सरकारी आवास के बाहर बुधवार देर रात एक महिला एएनएम का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृतका की पहचान सीखर निवासी अनिता मीणा के रूप में हुई है। उसने बताया कि अनिता राजपुरा स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ थी और उसका शव डॉ. सुरेंद्र बिजारणिया के सरकारी आवास की सीढ़ियों पर मिला।
पुलिस के मुताबिक, अनिता डॉ. सुरेंद्र पर शादी करने का दबाव बना रही थी। उसने बताया कि डॉ. सुरेंद्र की पिछले महीने शादी हुई थी, जिसके बाद से अनिता खासी नाराज थी।थानाधिकारी हुकम सिंह ने बताया कि परिजनों ने चिकित्सक पर हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि मृतका के गले पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला संदिग्ध माना जा रहा है।
सिंह के अनुसार, आरोपी चिकित्सक को हिरासत में ले लिया गया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में डॉ. सुरेंद्र ने स्वीकार किया कि उसके मृतका के साथ संबंध थे और वह कुछ दिनों से उसके आवास पर रह रही थी।
सीकर के श्रीमाधोपुर का रहने वाला डॉ. सुरेंद्र कानोड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ है। वहीं, दातारामगढ़ के सीखर निवासी अनीता राजपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ थी। बैठक सहित अन्य कारणों से दोनों का अक्सर मिलना होता था और यहीं से उनकी दोस्ती शुरू हुई। थाना अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार मृतका अनिता विवाहित थी और उसके दो बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की हर कोण से जांच की जा रही है।
राजस्थान के भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) ने करौली जिले में एक उपखंड अधिकारी (एसडीएम), उनके रीडर और एक अन्य कर्मचारी को 60,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि आरोपियों की पहचान एसडीएम काजल मीण, उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ के रूप में हुई है जिन्हें नादौती कस्बे में भूमि विवाद से संबंधित अंतिम डिक्री जारी करने के एवज में रिश्वत लेते समय रंगे हाथों पकड़ा गया।




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