दिल्ली में घुलने लगा जहर, AQI 226 होते ही GRAP-1 लागू; किन कामों पर रहेगी रोक?
Grape-1 implemented in Delhi: राजधानी दिल्ली की हवा में एक बार फिर जहर घुलने लगा है। मौसम की खराब हालत को देखते हुए शहर में GRAP-1 लागू कर दिया गया है।

Grape-1 implemented in Delhi: राजधानी दिल्ली की हवा में एक बार फिर जहर घुलने लगा है। GRAP पर गठित सब-कमेटी ने आज हुई मीटिंग में एयर क्वालिटी के हालातों का जायजा लिया, तो पता चला कि मौसम के हालात दिन प्रति दिन बिगड़ रहे हैं। ऐसे में जब AQI के आंकड़ों को सामने रखा गया, तो GRAP-1 को लागू करना एकदम जरूरी सा हो गया। क्योंकि, आज यानी 16 अप्रैल को AQI 226 ('खराब' कैटेगरी) दर्ज किया गया।
SC के आदेश के तहत लागू होता है GRAP
आपको बताते चलें कि NCR और आस-पास के इलाकों में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, GRAP का एक बदला हुआ शेड्यूल जारी किया है। GRAP-1 तब लागू किया जाता है, जब एयर क्वालिटी 201-300 के बीच पहुंच जाए। ऐसे में आज की जांच में AQI 226 यानी 'खराब' कैटेगरी में दर्ज किया गया। अब GRAP के स्टेज-I के तहत होने वाली कार्रवाई को पूरे NCR में लागू कर दिया जाएगा। सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा इन्हें लागू, मॉनिटर और रिव्यू किया जाएगा, ताकि यह पक्का हो सके कि AQI और ज्यादा खराब न हो।
GRAP-1 के तहत क्या उपाय और निर्देश
स्टेज-1 के तहत संबंधित एजेंसियों को सख्त निगरानी रखने और प्रदूषण नियंत्रण उपायों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें सड़कों की नियमित सफाई, पानी का छिड़काव, निर्माण कार्यों पर निगरानी और धूल नियंत्रण जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे GRAP के तहत जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि प्रदूषण स्तर को और बढ़ने से रोका जा सके।
GRAP-1 के तहत इन कामों पर रहेगी रोक
GRAP-1 लागू होने के साथ ही प्रदूषण पर काबू पाने के लिए जमीनी स्तर पर सख्ती बढ़ा दी जाती है। इसके तहत सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव और मैकेनिकल स्वीपिंग सुनिश्चित की जाती है, ताकि धूल कम उड़ सके। साथ ही खुले में कचरा, पत्तियां या अन्य बायोमास जलाने पर पूरी तरह रोक रहती है। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय अनिवार्य कर दिए जाते हैं और नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी जाती है।
हवा की स्थिति पर रखी जाएगी नजर
CAQM की सब-कमेटी ने स्पष्ट किया है कि वह वायु गुणवत्ता की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखेगी और IMD/IITM के पूर्वानुमान के आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे। यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो GRAP के अगले चरण लागू किए जा सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि समय रहते कदम उठाकर प्रदूषण को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है, ताकि AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में न पहुंचे और लोगों को राहत मिल सके।




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