Man who went to watch Dhurandhar fine the cinema hall one lakh twenty thousand rupees 'धुरंधर' देखने गए शख्स ने सिनेमा हॉल पर क्यों ठोका 1.20 लाख का मुआवजा? कोर्ट में पहुंचा मामला; जानें वजह, Kota Hindi News - Hindustan
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'धुरंधर' देखने गए शख्स ने सिनेमा हॉल पर क्यों ठोका 1.20 लाख का मुआवजा? कोर्ट में पहुंचा मामला; जानें वजह

सुजीत स्वामी ने अपनी शिकायत में मांग की है कि उन्हें 230 रुपये (टिकट के पैसे) वापस दिए जाएं। 20 हजार रुपये बतौर मानसिक परेशानी का मुआवजा भी मिले। इसके अलावा गलत जानकारी देने के लिए हर्जाना और कानूनी खर्च के रूप में 1 लाख का भुगतान किया जाए।

Sat, 21 Feb 2026 04:01 PMपीटीआई कोटा
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'धुरंधर' देखने गए शख्स ने सिनेमा हॉल पर क्यों ठोका 1.20 लाख का मुआवजा? कोर्ट में पहुंचा मामला; जानें वजह

कोटा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फिल्म के आधिकारिक रन-टाइम में कथित विरोधाभास की शिकायत पर सिनेमा हॉल 'सिनेपोलिस फन सिनेमा' (सिटी मॉल) को नोटिस जारी कर जवाल मांगा है। आरोप है कि सिनेमा हॉल ने तय समय के बाद भी विज्ञापन दिखाए।

सिनेपोलिस फन सिनेमा के खिलाफ ये शिकायत कोटा के वकील सुजीत स्वामी ने दायर की है। स्वामी ने इससे पहले सिनेमा हॉल को ही कानूनी नोटिस भेजा था मगर संतोषजनक जवाब न मिलने पर उपभोक्ता अदालत का रुख किया। अब अदालत ने सिनेमा हॉल के मालिकों से 30 मार्च तक जवाब दर्ज करने को कहा है।

क्या है मामला?

वकील सुजीत स्वामी का कहना है कि वह 11 दिसंबर को 'धुरंधर' देखने गए थे। इस दौरान फिल्म के आधिकारिक समय से ज्यादा बैठने पर मजबूर होना पड़ा। शिकायकर्ता के मुताबिक दोपहर 2 बजे शो शुरू हुआ, इंटरवल का समय 4 बजकर 13 मिनट था और 5 बजकर 48 मिनट पर फिल्म खत्म (कुल 3 घंटे 48 मिनट) हुई। उनका आरोप है कि विज्ञापन और ट्रेलर की वजह से फिल्म 2 बजकर 13 मिनट पर शुरू हुई। सेंसर बोर्ड (CBFC) के अनुसार फिल्म 3 घंटे 34 मिनट की थी, जबकि सिनेमा हॉल ने इसमें 14 मिनट ज्यादा लगाए।

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28 मिनट तक सिर्फ विज्ञापन दिखाए

वकील का दावा है कि करीब 28 मिनट तक सिर्फ विज्ञापन दिखाए गए। यहां तक कि इंटरवल के दौरान भी 4 बजकर 13 मिनट से 4 बजकर 28 मिनट तक भी विज्ञापन ही दिखाए गए। उन्होंने शिकायत में कहा है कि निर्धारित समय से ज्यादा समय तक हॉल में ग्राहकों को बिठाए रखना और उनपर जबरन विज्ञापन थोपना अन्याय है।

वकील ने की है ये मांगें

सुजीत स्वामी ने अपनी शिकायत में मांग की है कि उन्हें 230 रुपये (टिकट के पैसे) वापस दिए जाएं। 20 हजार रुपये बतौर मानसिक परेशानी का मुआवजा भी मिले। इसके अलावा गलत जानकारी देने के लिए हर्जाना और कानूनी खर्च के रूप में 1 लाख का भुगतान किया जाए।

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