rajasthan first time nsui national president vinod jakhar appointed राजस्थान से पहली बार NSUI को मिला राष्ट्रीय अध्यक्ष, विनोद जाखड़ के नाम पर मुहर, Jaipur Hindi News - Hindustan
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राजस्थान से पहली बार NSUI को मिला राष्ट्रीय अध्यक्ष, विनोद जाखड़ के नाम पर मुहर

राजस्थान की छात्र राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले विनोद जाखड़ को कांग्रेस ने अपने छात्र संगठन National Students' Union of India (NSUI) का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है।

Fri, 20 Feb 2026 10:20 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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राजस्थान से पहली बार NSUI को मिला राष्ट्रीय अध्यक्ष, विनोद जाखड़ के नाम पर मुहर

राजस्थान की छात्र राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले विनोद जाखड़ को कांग्रेस ने अपने छात्र संगठन National Students' Union of India (NSUI) का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह पहला मौका है जब राजस्थान के किसी छात्र नेता को संगठन की राष्ट्रीय कमान सौंपी गई है। कांग्रेस महासचिव K. C. वेणुगोपाल द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के बाद इस नियुक्ति पर मुहर लगी।

विनोद जाखड़ की ताजपोशी को कांग्रेस संगठन में एक बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है—संघर्ष, संगठन के प्रति निष्ठा और जमीनी पकड़ को प्राथमिकता देने का संदेश।

राहुल गांधी का कड़ा इम्तिहान

सूत्रों के मुताबिक, इस बार NSUI अध्यक्ष पद के लिए चयन प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सख्त रही। देशभर से 15 प्रमुख छात्र नेताओं को शॉर्टलिस्ट किया गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्वयं ग्रुप डिस्कशन और व्यक्तिगत इंटरव्यू के जरिए दावेदारों को परखा।

बताया जा रहा है कि विनोद जाखड़ इससे पहले भी दो बार अंतिम चरण तक पहुंचे थे। संगठनात्मक अनुभव, जमीनी आंदोलनों में सक्रिय भूमिका और स्पष्ट वैचारिक रुख ने उन्हें इस बार निर्णायक बढ़त दिलाई। कांग्रेस नेतृत्व ने ‘मेरिट और संघर्ष’ को आधार बनाते हुए उनके नाम को अंतिम स्वीकृति दी।

‘बागी’ से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक

विनोद जाखड़ का राजनीतिक सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं माना जा रहा। वर्ष 2018 में जब NSUI ने उन्हें राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में टिकट नहीं दिया, तो उन्होंने संगठन से अलग होकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह कदम जोखिम भरा था, लेकिन जाखड़ ने चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया। वे राजस्थान विश्वविद्यालय के इतिहास में अध्यक्ष बनने वाले दलित वर्ग के पहले छात्र नेता बने। उनकी जीत ने छात्र राजनीति में सामाजिक प्रतिनिधित्व और स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को नई दिशा दी।

आक्रामक तेवर और जेल यात्रा

विनोद जाखड़ की पहचान एक मुखर और आक्रामक छात्र नेता के रूप में रही है। हाल ही में राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शस्त्र पूजन कार्यक्रम का उन्होंने खुलकर विरोध किया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया और जेल जाना पड़ा।

हालांकि, जाखड़ ने अपने रुख से पीछे हटने से इनकार किया। कांग्रेस नेतृत्व ने इसे उनके वैचारिक साहस और प्रतिबद्धता के रूप में देखा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठन को ऐसे ही नेतृत्व की जरूरत थी, जो संघर्ष के मोर्चे पर पीछे न हटे।

आंतरिक समीकरणों के बीच फैसला

राजनीतिक गलियारों में इस नियुक्ति को लेकर चर्चाएं भी कम नहीं हैं। NSUI के प्रभारी कन्हैया कुमर और पूर्व अध्यक्ष वरुण चौधरी के बीच संगठनात्मक मतभेदों की चर्चा पहले से चल रही थी।

सूत्रों का दावा है कि अध्यक्ष पद को लेकर अलग-अलग लॉबिंग भी हुई, लेकिन अंतिम फैसला राहुल गांधी के स्तर पर हुआ। माना जा रहा है कि इस बार व्यक्तिगत पसंद से ज्यादा जमीनी संघर्ष और संगठनात्मक प्रतिबद्धता को महत्व दिया गया।

राजस्थान के लिए बड़ा संदेश

राजस्थान से पहली बार किसी छात्र नेता को NSUI की राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिलना राज्य की राजनीति के लिए भी अहम संकेत है। कांग्रेस के भीतर इसे युवा और सामाजिक संतुलन की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

विनोद जाखड़ के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर पुनर्गठित करने, कैंपस राजनीति में NSUI की पकड़ मजबूत करने और विपक्षी छात्र संगठनों के मुकाबले नई रणनीति तैयार करने की होगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘बागी’ छवि से निकले जाखड़ के लिए यह अवसर खुद को राष्ट्रीय नेता के रूप में स्थापित करने का है। संघर्ष, संगठन और नेतृत्व क्षमता की इस परीक्षा में वे कितना सफल होते हैं, इस पर आने वाले महीनों में सबकी नजर रहेगी।

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