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राजस्थान में इंतजारशास्त्र के जरिए गहलोत का पलटवार; सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इन दिनों ‘इंतजारशास्त्र’ सीरीज के जरिए प्रदेश की भजनलाल शर्मा सरकार पर लगातार हमलावर हैं। गहलोत ने कांग्रेस शासनकाल में शुरू हुए विभिन्न विकास कार्यों में देरी का आरोप लगाते हुए

Sat, 28 March 2026 07:16 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान, जयपुर
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राजस्थान में इंतजारशास्त्र के जरिए गहलोत का पलटवार; सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इन दिनों ‘इंतजारशास्त्र’ सीरीज के जरिए प्रदेश की भजनलाल शर्मा सरकार पर लगातार हमलावर हैं। गहलोत ने कांग्रेस शासनकाल में शुरू हुए विभिन्न विकास कार्यों में देरी का आरोप लगाते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अब तक ‘इंतजारशास्त्र’ के छह चैप्टर जारी कर अलग-अलग परियोजनाओं को मुद्दा बनाया है और सरकार से जवाब मांगा है।

चैप्टर-1 में शिक्षा परियोजना पर सवाल

गहलोत ने 23 मार्च को इस सीरीज की शुरुआत करते हुए पहला चैप्टर जारी किया, जिसमें महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट का मुद्दा उठाया गया। उन्होंने कहा कि जयपुर के जेएलएन मार्ग पर 233 करोड़ रुपए की लागत से बना यह संस्थान 2024 से तैयार खड़ा है, लेकिन सरकार इसे शुरू नहीं कर रही। गहलोत के मुताबिक, यह संस्थान युवाओं को सुशासन और सोशल साइंसेज में वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग देने के उद्देश्य से बनाया गया था और राजनीतिक कारणों से इसे रोका जा रहा है।

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चैप्टर-2 में स्वास्थ्य ढांचे पर निशाना

दूसरे चैप्टर में गहलोत ने सवाई मान सिंह अस्पताल के 1200 बेड वाले आईपीडी टावर का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना हजारों मरीजों को राहत देने वाली थी, लेकिन वर्तमान में सरकारी लापरवाही का शिकार है। गहलोत ने दावा किया कि लागत 400 करोड़ से बढ़कर 764 करोड़ रुपए तक पहुंच गई, फिर भी काम लगभग ठप है और जनता को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है।

चैप्टर-3 में महिला स्वास्थ्य पर चिंता

तीसरे चैप्टर में सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय के आईपीडी टावर को लेकर गहलोत ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि फरवरी 2023 में करीब 117 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अगस्त 2025 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक अधूरा है। गहलोत ने इसे सरकार की संवेदनहीनता बताते हुए महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाए।

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चैप्टर-4 में सैटेलाइट अस्पतालों का मुद्दा

चौथे चैप्टर में गहलोत ने जयपुर में प्रस्तावित सैटेलाइट अस्पतालों के काम को रोके जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के चारों कोनों में बनने वाले अस्पतालों को रोककर सरकार ने जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया है। कानोता और अचरोल के अस्पतालों को रद्द करने को उन्होंने गलत बताते हुए कहा कि इससे आपातकालीन इलाज व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

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चैप्टर-5 में अधूरा आरओबी बना खतरा

पांचवें चैप्टर में सिविल लाइंस आरओबी को लेकर गहलोत ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2021 में शुरू हुई यह परियोजना ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए थी, लेकिन 2026 तक भी पूरी नहीं हो सकी। गहलोत के अनुसार, यह अधूरा प्रोजेक्ट अब दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन चुका है और आमजन की सुरक्षा खतरे में है।

चैप्टर-6 में स्टेडियम प्रोजेक्ट पर सवाल

छठे चैप्टर में गहलोत ने जयपुर के चौप क्रिकेट स्टेडियम का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बनने वाला था, जिसे 2024 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक अधूरा है। गहलोत ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद खिलाड़ियों के सपनों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

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