rajasthan news incomplete rob danger gehlot question bjp अधूरा ROB बन गया खतरा, राजस्थान के पूर्व सीएम गहलोत ने भाजपा सरकार से पूछा– जनता की सुरक्षा कहाँ गई?, Jaipur Hindi News - Hindustan
More

अधूरा ROB बन गया खतरा, राजस्थान के पूर्व सीएम गहलोत ने भाजपा सरकार से पूछा– जनता की सुरक्षा कहाँ गई?

जयपुर के मुख्यमंत्री आवास से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित सिविल लाइन्स आरओबी का हाल ‘एक्सीडेंट ज़ोन’ बन चुका है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने X पर इस पर तीखी टिप्पणी की और सरकार से पूछा

Fri, 27 March 2026 02:52 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान, जयपुर
share
अधूरा ROB बन गया खतरा, राजस्थान के पूर्व सीएम गहलोत ने भाजपा सरकार से पूछा– जनता की सुरक्षा कहाँ गई?

जयपुर के मुख्यमंत्री आवास से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित सिविल लाइन्स आरओबी का हाल ‘एक्सीडेंट ज़ोन’ बन चुका है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने X पर इस पर तीखी टिप्पणी की और सरकार से पूछा कि क्या जनता की सुविधा राजनीति से ऊपर नहीं है।

2021 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट, 2026 में अधूरा

आरओबी का निर्माण 2021 में भाजपा सरकार के शासनकाल में शुरू हुआ था। उद्देश्य था शहरवासियों को जाम से राहत देना। पांच साल गुजरने के बाद भी प्रोजेक्ट अधूरा है और आसपास का क्षेत्र दुर्घटना-प्रवण बन गया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बेटे ही बन सकते हैं सियासत में बदनामी की वजह; राजस्थान में गहलोत का बयान

गहलोत का सवाल: जनता की सुरक्षा या राजनीतिक स्वार्थ?

अशोक गहलोत ने कहा, “मुख्यमंत्री आवास के पास विकास की यह स्थिति देखकर जनता सोच रही है कि शेष राजस्थान का क्या हाल होगा। क्या जनता की सुरक्षा और सुविधा राजनीतिक लक्ष्यों से ऊपर नहीं है?” उन्होंने भाजपा सरकार की सुस्ती और राजनीतिक द्वेष को परियोजना की देरी का कारण बताया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:इंतजारशास्त्र में उलझा राजस्थान, तैयार संस्थान फिर भी बंद; अशोक गहलोत ने कसा तंज

स्थानीय नागरिक और व्यापारी परेशान

स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि अधूरी निर्माण सामग्री सड़क पर फैली हुई है, जिससे वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो गया है। आसपास के व्यापारी भी प्रभावित हैं क्योंकि निर्माण के कारण ग्राहकों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।

एक्सीडेंट का खतरा बढ़ा

विशेषज्ञों के अनुसार, धीमी प्रगति और रख-रखाव की कमी से ट्रैफिक दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ गई है। कई छोटे-मोटे हादसे पहले ही हो चुके हैं, जिससे आरओबी ‘एक्सीडेंट ज़ोन’ बन गया है।

राजनीतिक नज़रिए से भी अहम मामला

गहलोत का बयान आगामी चुनावी रणनीति के तहत भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर दबाव डालने की कोशिश माना जा रहा है। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि वे राज्यवासियों के हितों के लिए हमेशा आवाज़ उठाएंगे।

राज्य की विकास नीतियों पर भी उठ रहे सवाल

इस मुद्दे ने केवल जयपुर के ट्रैफिक संकट को उजागर नहीं किया, बल्कि पूरे राजस्थान में अधूरे और विलंबित विकास प्रोजेक्ट्स पर बहस तेज कर दी है। यदि आरओबी समय पर पूरा नहीं हुआ, तो यह राज्य की विकास नीतियों पर भी गंभीर सवाल उठाएगा।

जनता की निगाहें अब सरकार पर

राजस्थानवासियों की निगाह अब सरकार की अगली कार्रवाई पर है। सवाल यह है कि क्या भाजपा सरकार जल्द ही सिविल लाइन्स आरओबी को जनता के लिए सुरक्षित और प्रयोग योग्य बनाएगी, या यह प्रोजेक्ट और वर्षों तक अधूरा ही रहेगा।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।