पहले नोटबंदी में लाइन लगवाई, अब सिलेंडर के लिए कतारें; डोटासरा ने गैस संकट पर कसा तंज
देश में एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण पैदा हुए गैस संकट को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।

देश में एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण पैदा हुए गैस संकट को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस तरह नोटबंदी के दौरान लोगों को बैंकों की कतारों में खड़ा होना पड़ा था, उसी तरह अब गैस सिलेंडर के लिए लोगों को लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है।
डोटासरा गुरुवार को जयपुर स्थित कांग्रेस वॉर रूम में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार आम जनता और उद्योगों को राहत देने के बजाय पूरी तरह विफल नजर आ रही है।
नोटबंदी की तरह सिलेंडर के लिए कतारें लगवाईं
डोटासरा ने कहा कि देश में एलपीजी की किल्लत के चलते आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने संकट के समय लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा, “नोटबंदी के समय लोगों को घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ा था और अब गैस सिलेंडर के लिए लोगों को लाइन में लगने को मजबूर किया जा रहा है। सरकार संकट प्रबंधन में पूरी तरह फेल साबित हुई है।
रिफाइनरी शुरू होती तो संकट में मिलती राहत
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने राजस्थान की रिफाइनरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक इसका उद्घाटन नहीं हुआ है।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन के लिए समय नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर रिफाइनरी से उत्पादन शुरू हो जाता तो मौजूदा गैस संकट में बड़ी राहत मिल सकती थी।
उन्होंने कहा, “जब रिफाइनरी का काम पूरा हो चुका है तो इस संकट के समय उसका उत्पादन शुरू करने में क्या दिक्कत है। सरकार को तुरंत निर्णय लेकर उत्पादन शुरू करना चाहिए।
कॉमर्शियल सिलेंडर बंद, उद्योग और होटल प्रभावित
डोटासरा ने कहा कि गैस संकट का असर उद्योग और कारोबार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कॉमर्शियल सिलेंडरों की बुकिंग बंद होने से कई उद्योगों को काम रोकना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कई शहरों में रेस्टोरेंट, हॉस्टल और ढाबों का संचालन प्रभावित हुआ है। इससे हजारों कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
डोटासरा के मुताबिक कई उद्योगों ने काम ठप होने के कारण कर्मचारियों को नौकरी से निकालना शुरू कर दिया है, जिससे बेरोजगारी का खतरा बढ़ रहा है।
बेरोजगार हुए श्रमिकों के लिए पैकेज की मांग
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को इस संकट की घड़ी में राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि गैस संकट के कारण जिन उद्योगों और संस्थानों का काम प्रभावित हुआ है, उनके बिजली बिल माफ किए जाएं।
साथ ही जिन कर्मचारियों और श्रमिकों की नौकरी चली गई है, उनके लिए विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाए ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।
‘मेरी सरकार होती तो सिलेंडर का एक रुपया नहीं बढ़ता’
डोटासरा ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा हालात में भी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं, जो जनता के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार होने का दावा किया जाता है, लेकिन संकट के समय जनता को राहत नहीं मिल रही। अगर मेरी दोनों जगह सरकार होती तो ऐसे हालात में सिलेंडर का एक रुपया भी नहीं बढ़ने देता।”
फर्टिलाइजर और दवा उत्पादन पर भी असर
डोटासरा ने चेतावनी दी कि गैस संकट का असर आगे और गंभीर हो सकता है। उन्होंने कहा कि गैस की कमी के कारण फर्टिलाइजर, खाद और दवा बनाने वाली कई कंपनियों ने उत्पादन कम कर दिया है।
यदि यह स्थिति जारी रही तो आगे चलकर किसानों को खाद और उर्वरक की कमी का सामना करना पड़ सकता है, जिससे खेती पर भी बड़ा असर पड़ेगा।
ऑटो गैस के लिए भी लंबी कतारें
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि राजधानी जयपुर में हजारों ऑटो गैस से चलते हैं और इन ऑटो चालकों को भी गैस के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे स्कूली बच्चों और यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। डोटासरा के मुताबिक यदि सरकार ने समय रहते समाधान नहीं निकाला तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
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