LPG संकट से हाहाकार, राजस्थान में 150 रिसॉर्ट बंद करने की तैयारी; एजेंसियों पर लंबी कतारें
राजस्थान में घरेलू गैस की सप्लाई गड़बड़ाने से हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि होटल-रेस्टोरेंट और हॉस्टल संचालकों के सामने भी संचालन जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है।

राजस्थान में घरेलू गैस की सप्लाई गड़बड़ाने से हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि होटल-रेस्टोरेंट और हॉस्टल संचालकों के सामने भी संचालन जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है। गैस की कमी का असर इतना बढ़ गया है कि जैसलमेर के सम क्षेत्र में करीब 150 रिसॉर्ट बंद करने की तैयारी की जा रही है। रिसॉर्ट एसोसिएशन इस मुद्दे पर जल्द ही निर्णय लेने वाली है।
एजेंसियों के बाहर सुबह से लग रही लंबी लाइनें
जयपुर, अलवर, कोटा, भरतपुर, अजमेर और जोधपुर सहित कई जिलों में गुरुवार सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भीड़ देखी गई। कई जगह लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद सिलेंडर मिलने की कोई गारंटी नहीं है।
अजमेर के केसरगंज स्थित रावण की बगीची क्षेत्र में अवंतिका गैस एजेंसी के बाहर सिलेंडर नहीं मिलने पर लोगों ने हंगामा भी कर दिया। लोगों का आरोप है कि सर्वर बंद होने का बहाना बनाकर उन्हें टाल दिया जा रहा है।
सर्वर ठप होने से बुकिंग में भी परेशानी
गैस संकट को और बढ़ाने वाली एक बड़ी वजह भारत गैस का सर्वर ठप होना बताया जा रहा है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि सर्वर बंद होने के कारण घरेलू गैस की बुकिंग नहीं हो पा रही है। हालांकि कंपनी की ओर से इस तकनीकी समस्या को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
ऑनलाइन बुकिंग बंद होने और सप्लाई में देरी के कारण उपभोक्ताओं को सीधे एजेंसी पर जाकर लाइन में लगना पड़ रहा है।
कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आईं
गैस की किल्लत के बीच कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। अजमेर में सिलेंडर लेने आए अनिल नाम के उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि एजेंसी के बाहर एक व्यक्ति घरेलू गैस सिलेंडर करीब 2000 रुपए में ब्लैक में बेच रहा था।
लोगों का कहना है कि जान-पहचान वाले ग्राहकों को अंदर बुलाकर सिलेंडर दिए जा रहे हैं, जबकि आम लोगों को सर्वर खराब होने का हवाला देकर वापस भेज दिया जाता है।
कोयला, लकड़ी और इंडक्शन चूल्हों की मांग बढ़ी
गैस की कमी का असर बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है। कई शहरों में कोयले, लकड़ी और इलेक्ट्रिक चूल्हों की मांग अचानक बढ़ गई है। व्यापारियों के अनुसार बीते दो दिनों में इनकी मांग लगभग दोगुनी हो गई है।
कोटा के एक कोयला व्यापारी ने बताया कि पहले रोजाना करीब 12 टन कोयले की बिक्री होती थी, जो अब बढ़कर 15 टन तक पहुंच गई है। वहीं जयपुर के व्यापारी सचिन गुप्ता ने बताया कि शहर में पहले रोजाना 2500 से 3000 इंडक्शन चूल्हे बिकते थे, जो अब बढ़कर लगभग 4500 तक पहुंच गए हैं।
होटल और रेस्टोरेंट का कारोबार प्रभावित
गैस संकट का असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी पड़ने लगा है। जयपुर और जोधपुर सहित कई शहरों में गैस की सप्लाई प्रभावित होने के कारण बड़े रेस्टोरेंट्स ने अपने मेन्यू को आधा कर दिया है।
जैसलमेर के सम क्षेत्र में रिसॉर्ट संचालकों का कहना है कि गैस का स्टॉक खत्म होने से किचन चलाना मुश्किल हो गया है, इसलिए करीब 150 रिसॉर्ट अस्थायी रूप से बंद करने पर विचार किया जा रहा है।
प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई
गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए राज्य सरकार ने फूड डिपार्टमेंट के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। वहीं उदयपुर में जिला प्रशासन की टीम ने अवैध रिफिलिंग के मामले में कार्रवाई करते हुए 6 गैस सिलेंडर जब्त किए। अधिकारियों के अनुसार कॉमर्शियल सिलेंडरों से घरेलू सिलेंडर भरे जा रहे थे।
विरोध प्रदर्शन भी शुरू
गैस की बढ़ती कीमतों और सप्लाई संकट को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सीकर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क पर बैठकर चूल्हे पर रोटी बनाकर विरोध जताया।
इस दौरान गैस सिलेंडर को माला पहनाकर सांकेतिक श्रद्धांजलि दी गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया।
गैस की सप्लाई सामान्य नहीं होने पर आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ होटल और पर्यटन उद्योग भी बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन