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राजस्थान में गैस की किल्लत बढ़ी, सर्वर फेल…सीएम ने बुलाई आपात बैठक

राजस्थान में घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर संकट गहराता जा रहा है। कई शहरों में सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जहां गैस सिलेंडर मिल रहे हैं

Thu, 12 March 2026 10:08 AMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान, जयपुर
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राजस्थान में गैस की किल्लत बढ़ी, सर्वर फेल…सीएम ने बुलाई आपात बैठक

राजस्थान में घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर संकट गहराता जा रहा है। कई शहरों में सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जहां गैस सिलेंडर मिल रहे हैं, वहां कालाबाजारी के आरोप भी सामने आ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कई रेस्टोरेंट और मैस में खाना बनाना तक बंद करना पड़ा है। सरकार ने स्थिति को देखते हुए अधिकारियों की छुट्टियां तक रद्द कर दी हैं और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सर्वर ठप होने से बुकिंग पर असर

गैस संकट की बड़ी वजह तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का इंटरनल सर्वर SDMS (सेल्स एंड डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम) ठप होना बताया जा रहा है। सर्वर बंद होने से इंडेन गैस के ग्राहक मोबाइल, व्हाट्सएप, ऐप और ऑनलाइन माध्यमों से सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं।

झुंझुनूं में पिछले 72 घंटों से गैस बुकिंग का सर्वर बंद होने के कारण लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। IVRS, मैसेज या एप के जरिए भी बुकिंग नहीं हो पा रही, जिससे एजेंसियों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ रही है।

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सीएम की बैठक, अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

गैस सप्लाई प्रभावित होने की खबरों के बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को सप्लाई व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए गए।

सरकार ने हालात को देखते हुए विभागीय अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और आम लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाए।

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होटल-रेस्टोरेंट पर सीधा असर

गैस संकट का असर सबसे ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर दिख रहा है। जयपुर में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 2500 रुपए से भी ज्यादा कीमत पर बिकने की शिकायतें सामने आई हैं।

त्रिवेणी नगर इलाके के कई रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि सिलेंडर सप्लायर मनमानी वसूली कर रहे हैं। गैस महंगी होने के कारण कई जगहों पर मेन्यू में बदलाव करना पड़ा है।

जयपुर के कई रेस्टोरेंट में तवा रोटी मिलना बंद हो गई है। कुछ जगहों पर नोटिस लगाकर ग्राहकों को बताया जा रहा है कि “तवा रोटी उपलब्ध नहीं है, केवल तंदूरी रोटी मिलेगी।” इसके अलावा कई रेस्टोरेंट में साउथ इंडियन और चाइनीज फूड बनाना भी बंद कर दिया गया है।

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मैस और हॉस्टल में खाना बनना बंद

कोटा में गैस सप्लाई नहीं होने के कारण कई मैस और हॉस्टलों में खाना बनाना बंद कर दिया गया है। इससे छात्रों और बाहर रहने वाले लोगों को भोजन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं टोंक में भारत गैस की बुंदेल एजेंसी ने सरकारी स्कूलों के पोषाहार कार्यक्रम के लिए दिए जाने वाले कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी है। एजेंसी संचालक ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बताया कि कंपनी के मौखिक आदेश के बाद यह कदम उठाया गया है। हालांकि जिले की अन्य गैस एजेंसियों ने ऐसी कोई जानकारी प्रशासन को नहीं दी है।

अलवर में बुकिंग बंद होने पर हंगामा

अलवर में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद होने से ग्राहकों का गुस्सा फूट पड़ा। भारत गैस की एक एजेंसी पर लोगों ने हंगामा किया और एजेंसी मालिक पर कालाबाजारी के आरोप लगाए। स्थिति बिगड़ती देख एजेंसी संचालक ने खुद को ऑफिस में बंद कर लिया।

कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन

गैस संकट को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गैस सिलेंडर की किल्लत आम लोगों को परेशान कर रही है। कांग्रेस ने गुरुवार से इस मुद्दे पर प्रदेशव्यापी आंदोलन करने की घोषणा की है।

केंद्र सरकार ने लागू किया आवश्यक वस्तु अधिनियम

इधर केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया है। इसके तहत गैस को चार श्रेणियों में बांटकर सप्लाई की व्यवस्था तय की गई है।

पहली श्रेणी में घरेलू PNG और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली CNG शामिल है, जिन्हें पूरी गैस मिलती रहेगी। दूसरी श्रेणी में खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को करीब 70 प्रतिशत गैस दी जाएगी। तीसरी श्रेणी में बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत के लगभग 80 प्रतिशत गैस मिलेगी। वहीं चौथी श्रेणी में छोटे उद्योग, होटल और रेस्टोरेंट को भी उनकी पुरानी खपत के आधार पर करीब 80 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जाएगी।

गैस सप्लाई की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार और प्रशासन दोनों अलर्ट मोड में हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि सर्वर और सप्लाई व्यवस्था कब तक सामान्य हो पाती है, ताकि आम रसोई से लेकर होटल कारोबार तक राहत मिल सके।

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