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12 दिन की खुदाई, 50 लाख खर्च… फिर भी नहीं मिला प्रिंस,दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर जारी सर्च ऑपरेशन

राजस्थान के दौसा जिले में छह साल पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुए छह वर्षीय प्रिंस उर्फ टिल्लू की तलाश अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंच चुकी है। लेकिन 12 दिन से चल रहे बड़े सर्च ऑपरेशन के बावजूद पुलिस को अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

Thu, 5 March 2026 01:53 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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12 दिन की खुदाई, 50 लाख खर्च… फिर भी नहीं मिला प्रिंस,दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर जारी सर्च ऑपरेशन

राजस्थान के दौसा जिले में छह साल पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुए छह वर्षीय प्रिंस उर्फ टिल्लू की तलाश अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंच चुकी है। लेकिन 12 दिन से चल रहे बड़े सर्च ऑपरेशन के बावजूद पुलिस को अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। लाखों रुपये खर्च कर हाईटेक तकनीक और भारी मशीनों से की जा रही खुदाई के बाद भी मासूम का पता नहीं चलने से पुलिस की मुश्किलें और परिवार की मायूसी दोनों बढ़ती जा रही हैं।

दरअसल, दौसा जिले के ऊनबड़ा गांव स्थित रामदेवा की ढाणी से वर्ष 2019 में प्रिंस अपने घर के आंगन से अचानक लापता हो गया था। उस समय काफी तलाश के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला। अब इस पुराने मामले में नए इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के एक हिस्से को चिन्हित कर बड़े स्तर पर खुदाई शुरू कराई है। माना जा रहा है कि बच्चे के अवशेष एक्सप्रेसवे के किनारे कहीं दफन हो सकते हैं।

ड्रोन और जीपीआर से तलाश

पुलिस ने इस ऑपरेशन में आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। ड्रोन सर्वे और जीपीआर (ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार) तकनीक के जरिए जमीन के नीचे संदिग्ध स्थानों की पहचान की गई। वर्ष 2020 में तैयार हुई ड्रोन रिपोर्ट की तुलना हाल ही में किए गए सर्वे से की गई, जिसके बाद दो से तीन स्थानों को संवेदनशील मानते हुए वहां खुदाई शुरू करवाई गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इन स्थानों पर लगातार निगरानी रखते हुए वैज्ञानिक तरीके से खुदाई कराई जा रही है, ताकि कोई भी संभावित साक्ष्य नजरअंदाज न हो।

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80 से 100 मीटर क्षेत्र में 12 फुट गहरी खुदाई

सर्च ऑपरेशन के पहले चरण में मिलिंग मशीन से एक्सप्रेसवे की डामर परत को हटाया गया। इसके बाद जेसीबी और एक्सकैवेटर की मदद से करीब 80 से 100 मीटर लंबाई और लगभग 4 मीटर चौड़ाई में खुदाई की गई। खुदाई की गहराई करीब 12 फुट तक पहुंचाई गई है।

पीपल के पेड़ के सामने बताए गए स्थान सहित चिन्हित सभी बिंदुओं पर पुलिस ने विशेष निगरानी रखी है। खुदाई से निकलने वाली मिट्टी को भी सावधानी से जांचा जा रहा है ताकि कोई हड्डी, कपड़ा या अन्य वस्तु नजर से न छूटे।

12 दिन में 50–60 लाख रुपये खर्च

सूत्रों के अनुसार इस बड़े सर्च ऑपरेशन पर अब तक करीब 50 से 60 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। खुदाई में इस्तेमाल हो रही मशीन का किराया लगभग 10,500 रुपये प्रति घंटा बताया जा रहा है। इसके साथ ही प्रति घंटे करीब 20 लीटर डीजल की खपत हो रही है।

लगातार 12 दिनों तक भारी मशीनों, पुलिस बल और तकनीकी संसाधनों के उपयोग के कारण खर्च तेजी से बढ़ता गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि सच सामने लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

दो लेन बंद, तीन लेन से यातायात

सर्च ऑपरेशन के कारण दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की दो लेन को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। फिलहाल यातायात तीन लेन से संचालित किया जा रहा है। रात में भी काम जारी रखने के लिए फ्लड लाइट की व्यवस्था की गई है, ताकि अभियान में किसी तरह की बाधा न आए।

इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेंद्र फौजदार और थाना अधिकारी जहीर अब्बास कर रहे हैं।

आरोपी रिमांड खत्म, आज कोर्ट में पेशी

इस मामले में आरोपी अनिल और कृष्णा को पुलिस ने 15 दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद दोनों को 5 मार्च को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस को उम्मीद थी कि पूछताछ के आधार पर खुदाई में कोई अहम सुराग मिल सकता है, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ सामने नहीं आया है।

परिजनों की उम्मीदें कमजोर

लगातार कई दिनों से चल रहे इस अभियान के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकलने से प्रिंस के परिवार की उम्मीदें कमजोर पड़ने लगी हैं। खुदाई स्थल पर पहुंचे प्रिंस के पिता जगमोहन बैरवा भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अगर बेटे के अवशेष भी मिल जाएं तो वे हिंदू रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार कर सकेंगे।

पुलिस का कहना – सच सामने आएगा

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेंद्र फौजदार का कहना है कि पुलिस हर संभावित स्थान पर वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक मामले की सच्चाई सामने नहीं आ जाती, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।

छह साल पुराने इस रहस्य को सुलझाने के लिए पुलिस की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या एक्सप्रेसवे की खुदाई में प्रिंस से जुड़ा कोई सुराग सामने आ पाएगा या यह मामला अभी और रहस्य बनकर रहेगा।

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