अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ कांग्रेस का पैदल मार्च, राजस्थान विधानसभा तक गूंजे देशहित के नारे
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायकों ने गुरुवार सुबह विधायक आवास से राजस्थान विधानसभा तक पैदल मार्च निकालकर अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायकों ने गुरुवार सुबह विधायक आवास से राजस्थान विधानसभा तक पैदल मार्च निकालकर अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। विधानसभा की सीढ़ियों पर पहुंचकर विधायकों ने नारेबाजी की और केंद्र सरकार पर देश के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया।
मार्च में शामिल नेताओं ने कहा कि अमेरिका के साथ की जा रही व्यापारिक वार्ताओं में भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र के हितों की अनदेखी की जा रही है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि अमेरिका के दबाव में ऐसी शर्तें स्वीकार की जा रही हैं, जिनसे देश के किसानों और पशुपालकों को सीधा नुकसान होगा।
जूली ने कहा, “अगर अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों को बड़े पैमाने पर भारत में प्रवेश दिया गया तो स्थानीय किसानों की प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता प्रभावित होगी। पहले से ही लागत बढ़ने और न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर किसान परेशान हैं, ऐसे में सस्ते आयात से उनकी कमर टूट जाएगी।” उन्होंने केंद्र सरकार से पारदर्शिता बरतने और संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।
विधानसभा में अनुदान मांगों पर आज आखिरी दिन बहस
विधानसभा में गुरुवार को अनुदान मांगों पर बहस का अंतिम दिन है। प्रश्नकाल और शून्यकाल के बाद ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग से जुड़ी अनुदान मांगों पर दिनभर चर्चा होगी। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह सरकार को पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराने और परिसीमन में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप जैसे मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाए हुए है।
विपक्ष का आरोप है कि पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों में देरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है। साथ ही वार्डों के परिसीमन में राजनीतिक आधार पर बढ़ोतरी या कटौती किए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। बहस के दौरान ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, बजट आवंटन और खर्च की स्थिति पर भी सवाल उठाए जाने की संभावना है।
27 फरवरी को बजट पारित, सीएम देंगे जवाब
विधानसभा में 27 फरवरी को राज्य का बजट पारित किया जाएगा। इसके साथ ही एप्रोप्रिएशन बिल और फाइनेंस बिल भी पारित करवाए जाएंगे। एप्रोप्रिएशन बिल पर बहस का जवाब शाम 5 बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा देंगे। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री अपने जवाब के दौरान नई भर्तियों और विकास योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, विभिन्न जिलों की लंबित मांगों और विधायकों द्वारा सदन में उठाए गए मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सरकार कई वित्तीय और प्रशासनिक घोषणाएं कर सकती है। बजट सत्र के समापन से पहले सरकार अपनी प्राथमिकताओं और आगामी वर्ष की कार्ययोजना को स्पष्ट करेगी।
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सदन में अपना विस्तृत भाषण देंगे, जिसमें वे सरकार की नीतियों, वित्तीय प्रबंधन और ग्रामीण ढांचे से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा सकते हैं।
बीएसी बैठक में आगे की रणनीति तय
विधानसभा की कार्यवाही को लेकर आगे की रूपरेखा तय करने के लिए गुरुवार दोपहर बाद विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में 27 फरवरी के बाद का कामकाज निर्धारित किया जाएगा।
बीएसी की बैठक में पंचायतीराज संशोधन विधेयक, नगरपालिका संशोधन विधेयक और डिस्टर्ब एरिया बिल को पारित करने की संभावित तिथियों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि होली के बाद इन महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पारित किया जाएगा।
राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र काफी अहम माना जा रहा है। एक ओर विपक्ष ट्रेड डील और स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में है, वहीं सरकार बजट और विधायी कार्यों के माध्यम से अपनी नीतिगत दिशा स्पष्ट करने में जुटी है। आने वाले दो दिन सदन के भीतर तीखी बहस और महत्वपूर्ण फैसलों के गवाह बन सकते हैं।
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