2013 के उद्घाटन पर क्यों नहीं बोली कांग्रेस? मंत्री अविनाश गहलोत ने उठाए सवाल
राजस्थान की सियासत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से लेकर विधानसभा में बंटे एक बुकलेट तक का मुद्दा गर्मा गया है। मंत्री अविनाश गहलोत ने मंगलवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एआई समिट जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषय पर देश जहां प्रधानमंत्री के फैसले की सराहना कर रहा है

राजस्थान की सियासत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से लेकर विधानसभा में बंटे एक बुकलेट तक का मुद्दा गर्मा गया है। मंत्री अविनाश गहलोत ने मंगलवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एआई समिट जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषय पर देश जहां प्रधानमंत्री के फैसले की सराहना कर रहा है, वहीं कांग्रेस इसे लेकर अर्द्धनग्न प्रदर्शन कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रही है।
मंत्री गहलोत ने कहा कि “एआई समिट को लेकर देश की जनता सकारात्मक सोच रखती है। भारत तकनीकी रूप से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में कांग्रेस के कार्यकर्ता अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे दुनिया के सामने क्या संदेश जाएगा?” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वीडियो और ऑडियो संदेश जारी कर ऐसे प्रदर्शनों को बढ़ावा दिया है। गहलोत ने सवाल किया कि क्या यह जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका है?
बुकलेट विवाद पर सियासी संग्राम
इधर राजस्थान विधानसभा में राजस्व विभाग की ओर से वितरित एक बुकलेट को लेकर भी हंगामा देखने को मिला। बुकलेट पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की तस्वीर छपी होने पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति दर्ज कराई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे सरकारी मंच का राजनीतिक उपयोग बताते हुए सवाल उठाए।
हालांकि राजस्व मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि यह बुकलेट उनके निजी खर्चे से छपवाई गई है और इसका उद्देश्य केवल विभागीय उपलब्धियों को प्रस्तुत करना है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री अविनाश गहलोत ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
रिफाइनरी उद्घाटन का मुद्दा उठाया
गहलोत ने 2013 का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता से जाते-जाते रिफाइनरी का उद्घाटन कराया था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से उद्घाटन कराया था। मंत्री ने सवाल किया कि उस समय सोनिया गांधी किस पद पर थीं और तब कांग्रेस ने इसका विरोध क्यों नहीं किया?
उन्होंने कहा, “आज जब भाजपा के किसी पदाधिकारी की तस्वीर पर कांग्रेस आपत्ति जता रही है, तब उसे अपने अतीत को भी देखना चाहिए। उस समय उन्हें सरकारी कार्यक्रमों में पार्टी नेतृत्व की मौजूदगी पर कोई एतराज नहीं था।”
कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान का दावा
मंत्री गहलोत ने कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में हुई कांग्रेस की कैबिनेट बैठक में वरिष्ठ नेता शांति धारीवाल और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के बीच तीखी नोकझोंक हुई। यह सब तब हुआ जब स्वयं अशोक गहलोत बैठक में मौजूद थे।
गहलोत ने कहा, “कांग्रेस पहले अपने घर को संभाले, फिर सदन में विरोध करे। वे खुद उलझे हुए हैं और मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।”
सरकार देगी जवाब
इस पूरे विवाद के बीच यह भी संकेत मिला है कि सरकार बुधवार को औपचारिक जवाब दे सकती है। विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां इसे लोकतांत्रिक विरोध बता रही है, वहीं भाजपा इसे देश की छवि से जोड़कर सवाल उठा रही है।
राजस्थान की राजनीति में एआई समिट जैसे राष्ट्रीय मुद्दे से लेकर एक बुकलेट की तस्वीर तक पर छिड़ी बहस ने यह साफ कर दिया है कि विधानसभा सत्र के दौरान सियासी तापमान लगातार बढ़ता रहेगा। आने वाले दिनों में सरकार के जवाब और विपक्ष की रणनीति पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
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