सीकर से लेकर महाराष्ट्र तक जाल, हॉस्टल मालिक को मिले गेस पेपर से कैसे हुआ NEET पेपर लीक का भंडाफोड़
राजस्थान के सीकर से शुरू हुई गैग पेपर की कहानी से देश की सबसे बड़ी परीक्षा नीट यूजी 2026 रद्द कर दी गई। घटना परीक्षा से एक रात पहले यानी 2 मई रात 11 बजे की है जब केरल में एमबीबीएस की पढ़ाई रहे छात्र ने गेग पेपर अपने पिता को भेजा।

राजस्थान के सीकर से शुरू हुई गैग पेपर की कहानी से देश की सबसे बड़ी परीक्षा नीट यूजी 2026 रद्द कर दी गई। घटना परीक्षा से एक रात पहले यानी 2 मई रात 11 बजे की है जब केरल में एमबीबीएस की पढ़ाई रहे छात्र ने गेग पेपर अपने पिता को भेजा। पिता सीकर में कोचिंग कर रहे छात्रों के लिए हॉस्टल चलाते थे। उनके बेटे को तो इस पेपर की जरूरत नहीं थी, लेकिन उसे लगा कि शायद पिता के हॉस्टल में पढ़ रहे किसी बच्चे को इससे मदद मिल सकती है। अगले दिन जब परीक्षा समाप्त हुई, तो हॉस्टल मालिक ने उत्सुकता से वह पेपर एक केमिस्ट्री के एक टीचर को दिखाया। टीचर ने पेपर मिलाया तो उनके होश उड़ गए। करने पर शिक्षक के होश उड़ गए। उन्होंने पाया कि 108 में से 45 सवाल पूरी तरह सेम है। सके बाद उन्होंने ये पेपर एक बायोलॉजी शिक्षक को दिखाया। उन्होंने चेक किया तो पाया कि 204 में से 90 सवाल हुबहू मैच हो रहे हैं।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक हॉस्टल मालिक और शिक्षक इस मामले की शिकायत लेकर सीकर पुलिस के पास पहुंचे। लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया। पुलिस का तर्क था कि परीक्षा के बाद शिकायत करना उनकी मंशा पर सवाल उठाता है। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA को ईमेल किया।
मामले की गंभीरता को समझते हुए एजेंसी हरकत में आई और इंटेलिजेंस ब्यूरो और राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) को जांच के आदेश दिए। SOG की जांच में सामने आया कि यह कोई साधारण गेस पेपर नहीं, बल्कि एक संगठित पेपर लीक था, जिसके तार कई राज्यों से जुड़े हुए थे।
जयपुर से होते हुए महाराष्ट्र पहुंची जांच
मामले की जांच के दौरान एक अहम सुराग जयपुर के बाहरी इलाके जमवारामगढ़ से मिला। यहां दो भाइयों ने सीकर में अपने एक परिचित को वह पेपर बेचा था। वहां से मामले के तार हरियाणा तक पहुंचे। यहांआयुर्वेद के एक फर्स्ट ईयरष के छात्र ने इस पेपर को बिहार, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के उम्मीदवारों को भारी रकम में बेचा था। जांच में पता चला कि इस छात्र को ये पेपर महाराष्ट्र के नासिक में किसी से मिला था। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस शुभम खैरनार नाम के छात्र तक पहुंच गई। उसके पास से गेस पेपर की फिजिकल कॉपियां बरामद हुईं। कई राज्यों में फैले इस नेटवर्क को देखते हुए सरकार ने पूरा मामला सीबीआई को सौंप दिया। अब सभी की नजर सीबीआई की जांच पर टिकी है।
मामला सामने आने के बाद NTA ने मंगलवार को NEET UG 2026 की परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने का फैसला लिया। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी। राहत की बात यह है कि छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने या कोई एक्स्ट्रा फीस देने की जरूरत नहीं होगी।




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