अंदर के लोग शामिल, इन्हें आतंकी क्यों नहीं मानते; NEET-UG पेपर लीक पर भड़के अलख पांडे
फिजिक्स वाला के CEO अलख पांडे ने कहा कि बच्चों का पूरे सिस्टम से भरोसा उठता है जब ऐसी चीजें होती हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘NTA ने लिखा था कि ये कोई स्कूल की परीक्षा नहीं है, ये राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है।’

फिजिक्स वाला के CEO अलख पांडे ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने पर गुस्से का इजहार किया है। मंगलवार को उन्होंने कहा, 'यह बहुत दुखद है। 23 लाख बच्चे थे जो इस परीक्षा को देने वाले थे। 1 करोड़ लोग हैं जो आज दुखी है। एक पूरा घर था जो लड़ रहा था कि अपने बच्चे को डॉक्टर बनाएंगे और बच्चा खुश होकर आता है कि उसका पेपर अच्छा गया, उसे सरकारी कॉलेज मिल जाएगा लेकिन फिर उसे पता चलता है कि उसके बगल में जो बच्चा बैठा था उसके पास पूरा पेपर था। क्यों? क्योंकि उस बच्चे के पिता अमीर थे।'
अलख पांडे ने कहा कि बच्चों का पूरे सिस्टम से भरोसा उठता है जब ऐसी चीजें होती हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, 'NTA ने लिखा था कि ये कोई स्कूल की परीक्षा नहीं है, ये राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। आप चैन की नींद सोएं हम परीक्षा संभाल लेंगे। फुल प्रूफ सिस्टम है। इससे अच्छा तो स्कूल की परीक्षा होती है। इतनी बड़ी राष्ट्रीय एजेंसी का पेपर लीक हो जाता है, जो बच्चे डॉक्टर बनने जा रहे हैं उनका सपना टूट जाता है। बच्चों के बारे में सोचिए कि वे कितने दबाव में होंगे।'
अलख पांडे ने लगाए गंभीर आरोप
फिजिक्स वाला के CEO ने कहा कि पेपर तभी लीक होते हैं जब अंदर के लोग शामिल होते हैं। वे लोग जल्दी पैसा कमाने के लिए ऐसा करते हैं और जो लोग इसे खरीदते हैं वे समाज के उच्च वर्ग से आते हैं। यह सिंडिकेट अमीर और प्रभावशाली लोगों का होता है। उन्होंने कहा, 'यह पहली बार नहीं हुआ है, बस इस बार यह पहले से ज्यादा बड़ा मामला बन गया है। एनटीए ने पेपर को इसलिए रद्द किया है ताकि यह छुपाया जा सके कि यह कैसे लीक हुआ।'
'क्या पेपर लीक में शामिल कोई जेल गया'
अलख पांडे ने कहा कि सभी पाबंदियां केवल परीक्षार्थियों पर होती हैं, लेकिन मैंने कभी नहीं सुना कि ऐसे पेपर लीक में शामिल किसी को जेल हुई हो। उन्हें आतंकवादियों की तरह क्यों नहीं माना जाता? जो लोग लीक पेपर खरीदते हैं, वे बेचने वालों से भी ज्यादा दोषी हैं। बता दें कि बीते 3 मई को देश-विदेश के 5,400 से ज्यादा केंद्रों पर हुई नीट-यूजी परीक्षा में करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे। पेपर लीक के बाद अब इन सभी छात्रों को दोबारा अपनी काबिलियत साबित करने का मौका दिया जाएगा।
मामले पर NTA का क्या है बयान
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को कहा कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। नई परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी जिसका शेडयूल अगले दस दिनों के भीतर जारी कर दिया जायेगा। सिंह ने कहा कि यह मामला अब सीबीआई के हवाले कर दिया गया है। सभी मुजरिमों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा ताकि होनहार छात्रों के भविष्य पर कोई आंच न आए।




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