NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली में NSUI का जोरदार प्रदर्शन, पुलिस से झड़प; लगाए 'डॉक्टर की डिग्री बिकाऊ है' के नारे
पेपर लीक व परीक्षा रद्द होने के मुद्दे पर NSUI ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की भी मांग की, साथ ही यह कहते हुए NTA पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग भी की कि, यह एजेंसी विश्वसनीय परीक्षाएं आयोजित करने में बार-बार विफल रही है।

देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक होने और फिर उसके रद्द होने के बाद कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी शास्त्री भवन पर लगे बैरिकेड्स पर चढ़कर अपना विरोध जताते हुए दिखे। NSUI ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य की रक्षा करने में बार-बार नाकाम रही है।
NEET की परीक्षा इस साल 3 मई को हुई थी और इस परीक्षा में 22.79 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई थी, जिसमें 5,400 से ज्यादा परीक्षा केंद्र शामिल थे।
शास्त्री भवन के बाहर भारी बैरिकेडिंग और पुलिस की मौजूदगी के बीच NSUI के स्टूडेंट्स ने छात्रों पर अत्याचार बंद करो जैसे नारे भी लगाए। इस दौरान विरोध प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं के अपने हाथों में 'PM ने समझौता किया, पेपर से समझौता हुआ', 'पेपर लीक, मोदी सरकार कमजोर', और 'डॉक्टर की डिग्री बिकाऊ है' जैसे नारे लिखी तख्तियां भी ले रखी थीं।
उधर पेपर लीक से जुड़ी खबर आने के बाद इस परीक्षा का आयोजन करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 को रद्द करने की घोषणा कर दी है, और कहा है कि परीक्षा फिर से आयोजित की जाएगी, जिसकी तारीखें अलग से बताई जाएंगी। इस बारे में जारी एक बयान में NTA ने कहा कि यह फैसला भारत सरकार की मंजूरी से, पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के हित में लिया गया है।
वहीं परीक्षा रद्द होने पर NSUI ने कहा कि परीक्षा का रद्द होना ही यह साबित करता है कि NEET परीक्षा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और गंभीर चूक हुई थीं। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा, 'NEET को रद्द करने का आज का फैसला छात्र शक्ति और देश भर के लाखों उम्मीदवारों की आवाज की जीत है। NSUI उन पहले संगठनों में से एक था जिसने इस मुद्दे को उठाया और छात्रों के लिए न्याय की मांग की।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर परीक्षा प्रणाली निष्पक्ष होती, तो सरकार को परीक्षा रद्द करने और CBI जांच का आदेश देने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। यह स्पष्ट रूप से शिक्षा मंत्रालय और NTA की विफलता को उजागर करता है।'
इसके साथ ही NSUI नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की भी मांग की, साथ ही यह कहते हुए NTA पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग की कि, यह एजेंसी विश्वसनीय परीक्षाएं आयोजित करने में बार-बार विफल रही है।
NSUI ने कहा कि NEET से जुड़े बार-बार होने वाले विवादों ने परीक्षा प्रणाली में छात्रों के विश्वास को पूरी तरह से खत्म कर दिया है, और चेतावनी दी कि शैक्षिक न्याय और जवाबदेही के लिए आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक इस घोटाले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती।




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