यमुना सिटी में ₹300 करोड़ से चमकेंगी सेक्टरों की सड़कें, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी होगी सुपरफास्ट
Greater Noida News : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र की अधूरी सड़कें जल्द बनेंगी। प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस काम पर 300 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना तैयार की है।

Greater Noida News : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र की अधूरी सड़कें जल्द बनेंगी। प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस काम पर 300 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना तैयार की है। प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो चुका है। कुछ समय बाद यहां से व्यावसायिक उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी। ऐसे में शहर में औद्योगिक गतिविधियां तेज करने पर जोर है, लेकिन कई जगहों पर सड़कें पूरी न होने से उद्यमियों को निर्माण कार्य शुरू करने के साथ ही सामान के आयात-निर्यात में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवासीय सेक्टर-18 और 20 के अलावा औद्योगिक सेक्टर-32 और 33 में कई जगहों पर सड़कें अधूरी हैं। कुछ सेक्टरों की मुख्य सड़कें भी अभी तक नहीं बनीं।
एयरपोर्ट से उड़ान शुरू होने से पहले इन सड़कों को पूरा करने का कार्य तेज कर दिया है। यीडा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में सड़कों के निर्माण समेत शहर की कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। एयरपोर्ट तक जाने वाली 60 मीटर सड़क भी बनेगी। यह करीब 40 किलोमीटर लंबी सड़क तीन जगहों पर अधूरी है। इनमें दो जगह काम जारी है। दनकौर के पास अधूरे पेच का टेंडर हो चुका है। प्राधिकरण जल्द ही यहां काम शुरू कराने की तैयारी कर रहा है।
3113 उद्यमियों को औद्योगिक भूखंड आवंटित
यमुना सिटी में अभी तक 3113 उद्यमियों को औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। इनमें 33 कंपनियां बनी हैं। इस वर्ष के अंत तक प्राधिकरण ने 180 कंपनियों के संचालन का लक्ष्य रखा है। उद्यमियों की मानें तो सबसे खराब हालात सेक्टर-32 और 33 की है। सेक्टर-33 की मुख्य सड़क का अब तक निर्माण नहीं हो पाया है। इसी तरह से सेक्टर-32 में भी कोई सड़क पूरी नहीं है।
16 वर्ष पुराने सेक्टरों में कई सड़कें नहीं बनीं
यमुना सिटी में सेक्टर-18 और 20 करीब 16 वर्ष पुराने सेक्टर हैं। प्राधिकरण इनमें 30 हजार से अधिक भूखंडों का आवंटन भी कर चुका। यहां तक कि 1100 से अधिक लोगों ने मौके पर अपने मकान का निर्माण भी कर लिया है, लेकिन उनके घर के बाहर सड़कें अधूरी हैं। यहां तक सेक्टर-22डी में प्राधिकरण के फ्लैट हैं। इन फ्लैटों तक पहुंचने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं है। यहां रहने वाले लोग बल्लूखेड़ा गांव से होकर फ्लैटों तक पहुंचते हैं।
आरके सिंह, सीईओ यीडा, ''यमुना सिटी में इस वित्तीय वर्ष 300 करोड़ की लागत से सड़कों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि शहर में आंतरिक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जा सके। इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।''




साइन इन