नोएडा-ग्रेनो और यमुना एक्सप्रेसवे के पास बनेंगे 18 हजार फ्लैट, 3 साल में होंगे तैयार
जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ होने के साथ ही अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास भी रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी आने की उम्मीद है। इस समय दोनों एक्सप्रेसवे के पास करीब 22 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं का निर्माण चल रहा है।

जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ होने के साथ ही अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास भी रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी आने की उम्मीद है। इस समय दोनों एक्सप्रेसवे के पास करीब 22 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं का निर्माण चल रहा है। इनमें अगले दो से तीन साल में करीब 18 हजार फ्लैट बनकर तैयार हो जाएंगे।
इन निर्माणाधीन ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के अलावा अगले एक से डेढ़ साल में करीब 15 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं लॉन्च होने की तैयारी में हैं। नोएडा और यमुना प्राधिकरण आने वाले समय में एक्सप्रेसवे के आसपास परियोजनाएं लॉन्च करने के लिए जमीन तलाश ला रहा है। प्राधिकरण हाल में ग्रुप हाउसिंग के तीन भूखंडों के लिए योजना लेकर आया है, जिनके लिए एक सप्ताह में ई-बोली की प्रक्रिया होगी। इसमें कई बड़े बिल्डरों ने भूखंड पाने के लिए आवेदन किया है। बिल्डर जहां एक्सप्रेसवे के आसपास ही ग्रुप हाउसिंग के भूखंड तलाश रहे हैं, वहीं खरीदार भी बेहतर कनेक्टिविटी को देखते हुए फ्लैट पाना चाह रहे हैं। अभी गौर संस, ऐस, एटीएस, समृद्धि, अरियंत, टाटा, गोदरेज आदि बिल्डर ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं का निर्माण करा रहे हैं।
अभी नोएडा के सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा जाने के लिए मेट्रो चल रही है। यह लाइन एक्सप्रेसवे के पास सेक्टर-137 को जोड़ती है। इसके बाद परी चौक तक एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड के साथ करीब आठ मेट्रो स्टेशन बने हुए हैं। इनमें सेक्टर-137 के अलावा 142, 143, 144, 145, 146, 147, 148, नॉलेज पार्क और परी चौक शामिल हैं। इसके साथ-साथ सेक्टर-142 से एक्सप्रेसवे के किनारे ही बॉटेनिकल गार्डन तक मेट्रो चलाने को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। अब इस लाइन के लिए अप्रैल महीने में टेंडर जारी करने की तैयारी है।
वहीं, गाजियाबाद से ग्रेनो वेस्ट होते हुए जेवर में बने एयरपोर्ट तक नमो भारत चलाने की तैयारी है। ऐसे में एक्सप्रेसवे के आसपास का हिस्सा पूरी तरह मेट्रो से जुड़ जाएगा। ऐसे में एक्सप्रेसवे के आसपास रहने वाले आसानी से मेट्रो के जरिए दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में आ-जा सकते हैं। मेट्रो के अलावा नोएडा-ग्रेनो, यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए भी अपने वाहन से लोग कहीं भी आसानी से आ-जा सकते हैं।
गुरुग्राम की तर्ज पर बड़े डेवलपर आएंगे
जानकारों का कहना है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद अब यहां पर निवेश के लिए गुरुग्राम की तर्ज पर रियल एस्टेट में बड़े डेवलपर आएंगे। आईटी-आईटीईएस से जुड़ी बड़ी कंपनियां आएंगी। इससे रियल स्टेट क्षेत्र को रफ्तार मिलेगी।
दिनेश गुप्ता, अध्यक्ष, क्रेडाई, पश्चिमी यूपी, ''एयरपोर्ट शुरू होने के बाद निश्चित तौर पर रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी आएगी। जेवर के आसपास कनेक्टिवटी बेहतर होने से यहां लोग आसानी से पहुंच सकेंगे। बड़ी-बड़ी कंपनियों के दफ्तर खुलने से लोग अधिक संख्या में यहां रहने के लिए आएंगे।''
सुरेश गर्ग, उपाध्यक्ष, क्रेडाई, पश्चिमी यूपी, ''रियल एस्टेट के क्षेत्र में अगले पांच साल में ग्रुरुग्राम को नोएडा पीछे छोड़ देगा। बाहर की कंपनियों के आने से लोगों का आवागमन बढ़ेगा। यहां कानून व्यवस्था पहले से ही अच्छी है। इससे लोग यहीं पर रहना पसंद करेंगे।''
एसके शर्मा, चेयरमैन, एसके ग्रुप, ''नोएडा व यमुना क्षेत्र में इंफ्रास्टक्चर काफी बेहतर तरीके से तैयार हो रहा है। लोगों को एक्सप्रेसवे से लेकर मेट्रो की बेहतर कनेक्टिविटी मिल रही है, जो आने वाले सालों में और बढ़ेगी। इन सब चीजों को देखते हुए इस क्षेत्र में रियल एस्टेट ऊंचाइयों को छुएगा।''




साइन इन