होटल मालिक वहां आया था और...; दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड को लेकर चश्मदीद का बड़ा दावा
वसीम ने बताया कि ‘मैंने जब उन्हें मौके पर देखा था तो मैं उनकी बराबरी पर खड़ा नहीं था, ना ही मैं किसी तरह की छांव में खड़ा था। मैं आगे बढ़कर अपनी क्षमता के अनुसार लोगों की मदद करने में लगा हुआ था। मेरी नजर जरूर उन पर गई थी।’

दिल्ली के हौज रानी इलाके (मालवीय नगर के पास) में स्थित जिस होटल में हुए भीषण अग्निकांड में बुधवार को 21 लोगों की जान चली गई थी, उसके मालिक को लेकर एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि इमारत में आग लगने के बाद होटल मालिक लवकेश बजाज वहां आया था, लेकिन उसने किसी भी तरह से लोगों की मदद करने की कोशिश नहीं की, उल्टा हालात बिगड़ते देख वो वहां से भाग गया था। इस बात का दावा हादसे के वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक चश्मदीद ने किया है। इस हादसे में 30 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं।
खुद को घटना का चश्मदीद बताने वाले मोहम्मद वसीम खान नाम के शख्स ने इस बारे में समाचार एजेंसी ANI को जानकारी दी। उसने बताया कि 'मैं सुबह करीब 8.30 बजे यहां आया था, मैंने देखा कि यहां हालात बहुत ज्यादा खराब हैं, तो मुझे लगा कि मुझे इस बारे में मालिक को बताना चाहिए। इसके बाद सुबह लगभग 8.52 बजे मैंने होटल के मालिक को फोन लगाया, करीब 26 सेकेंड तक हमारी बात हुई। इस दौरान मैंने उन्हें बताया कि यहां हालात बहुत खराब हैं, और लोगों के बचने की संभावना बहुत कम है।'
'सफेद रंग की टीशर्ट पहन रखी थी'
युवक के मुताबिक 'हमारी बात होने के करीब 10 मिनट बाद वो (लवकेश बजाज) यहां पर आए थे, और मौके पर थोड़ी देर रुकने के बाद लोगों की मदद किए बिना ही वो यहां से चले गए थे।' वसीम ने कहा कि मैं अपनी क्षमता के अनुसार लोगों की मदद कर रहा था, इसी दौरान मेरी नजर जरूर उन पर गई थी, वो सफेद रंग की टीशर्ट पहने हुए थे और बाहर खड़े थे।
जब वसीम से पूछा गया कि वो यहां कितनी देर रुके होंगे, तो उसने कहा, 'मैं ठीक-ठीक यह नहीं कह सकता कि वे कब आए या कितनी देर रुके, क्योंकि मैं लोगों की जान बचाने में लगा हुआ था, हालांकि उन्होंने किसी को बचाने की कोई कोशिश नहीं की।'

'अगर उन्होंने लोगों की मदद की होती तो कैमरों में दिख जाते'
वसीम ने आगे कहा कि, 'अगर उन्होंने किसी तरह से लोगों की मदद करने की कोई कोशिश की होती तो जिस तरह हम या हमारे साथी मीडिया के कैमरों में दिखाई दे रहे हैं, वो भी दिखाई दे रहे होते।' युवक ने बताया कि 'उनको ये जानकारी जरूर थी कि उनकी होटल में आग लगी है, लेकिन शायद उन्हें ये जानकारी नहीं थी कि आग इतनी भयंकर है कि लोगों की जान बचना बहुत मुश्किल है। वो जब यहां पर आए, तब उन्हें यहां स्थिति की गंभीरता का पता चला और उसके बाद वो यहां से चले गए।'
'उन्हें होटल में फंसे लोगों के बारे में बिल्कुल जानकारी होगी'
जब वसीम से रिपोर्टर ने पूछा कि क्या उन्हें इस बात की जानकारी होगी कि होटल के अंदर 40 से 50 लोग फंसे हुए हैं, तो वसीम ने कहा, 'जाहिर सी बात है उन्हें यह जानकारी रही होगी, क्योंकि वो रोज शाम को इसी होटल में बने रेस्टोरेंट में आकर बैठते थे। वो तीन होटल वो चला रहे हैं, तो जाहिर सी बात है कि इस बारे में पता होगा। क्योंकि वो रोज होने वाली आमदनी (आज का गल्ला क्या है) की जानकारी तो रोज शाम को लेते ही होंगे ना।'
पुलिस-दमकल के आने से पहले ही लोगों ने शुरू किया बचाव कार्य
बता दें कि बुधवार 3 जून की सुबह, एक 'बेड-एंड-ब्रेकफास्ट' (B&B) सुविधा वाली इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर अचानक आग भड़क गई थी और देखते ही देखते उसने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया था। यह आग सुबह लगभग 8:30 बजे लगी थी और दिल्ली फायर सर्विस के मौके पर पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने मिलकर होटल के अंदर फंसे लोगों को बचाने का काम शुरू कर दिया था। इस दौरान लोगों ने पास में मौजूद गद्दे की एक दुकान से ढेर सारे गद्दे लाकर सड़क पर बिछा दिए थे, और अंदर फंसे लोगों को उन पर कूदवाते हुए उनकी जान बचाई थी।
होटल मालिक को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
इस घटना के बाद होटल के मालिक लवकेश बजाज को दिल्ली पुलिस ने बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पूछताछ के दौरान उसने जांचकर्ताओं को बताया कि इस जगह की जिम्मेदारी उसने मैनेजर जय मिश्रा को दे रखी थी। पुलिस के अनुसार मिश्रा इस घटना के बाद से ही फरार है। अबतक आग लगने की असल वजह का पता नहीं चल पाया है। उधर गुरुवार दोपहर को साकेत जिला अदालत ने होटल मालिक और आरोपी लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।




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