आंधी तूफान और तेज बारिश; दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच अचानक क्यों बदल गया मौसम
दिल्ली एनसीआर में शुक्रवार शाम को अचानक मौसम बदल गया। बढ़ती गर्मी के बीच आसमान में बादल छा गए और कई इलाकों आंधी तूफान के साथ तेज बारिश भी हुई। इससे लोगों चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली।

दिल्ली एनसीआर में शुक्रवार शाम को अचानक मौसम बदल गया। बढ़ती गर्मी के बीच आसमान में बादल छा गए और कई इलाकों आंधी तूफान के साथ तेज बारिश भी हुई। इससे लोगों चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली। मौसम में आया यह अचानक बदलाव पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण हुआ है। उत्तर भारत में सर्दियों और गर्मी से पहले होने वाली बारिश का मुख्य कारण यही माना जाता है। पश्चिमी विक्षोभ असल में कम दबाव वाला एक वेदर सिस्टम है, जो भूमध्य सागर के ऊपर बनता है। वहां से यह नमी लेकर पूर्व की ओर बढ़ना शुरू करता है और इसे वायुमंडल की ऊपरी सतह पर चलने वाली तेज हवाए यानी सबट्रॉपिकल वेस्टरली जेट स्ट्रीम भारत तक खींच लाती हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब यह सिस्टम उत्तर भारत पहुंचता है, तो अप्रैल की भीषण गर्मी के कारण जमीन के पास की गर्म हवा ऊपर उठती है, जिससे वायुमंडल में अस्थिरता पैदा होती है। नमी से भरे पश्चिमी विक्षोभ और इस गर्म हवा के मिलने से बादल बनते हैं और गरज के साथ बारिश होती है।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि फिलहाल दिल्ली को प्रभावित करने वाला विक्षोभ कमजोर है, लेकिन फिर भी यह हल्की से मध्यम बारिश और छिटपुट गरज पैदा करने में सक्षम है। दिल्ली जैसे मैदानी इलाकों में इसका प्रभाव हिमालयी क्षेत्रों की तुलना में कम होता है, लेकिन मानसून से पहले के मौसम में यह सिस्टम तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ अचानक बारिश की वजह बन सकता है।
रात में बारिश, तेज हवा की चेतावनी
दिल्ली में शुक्रवार शाम को बारिश हुई, घने बादलों के कारण हल्की से मध्यम बौछारें पड़ीं और इसके साथ ही कई स्थानों पर तापमान 7-10 डिग्री तक गिर गया। आईएमडी ने स्थिति को देखते हुए येलो अलर्ट हटाकर ऑरेंज अलर्टजारी किया है और रात के दौरान मध्यम बारिश, गरज के साथ बारिश, बिजली कड़कने और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, जाफरपुर में तापमान में 8.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई (30.2 से घटकर 21.6 डिग्री), जबकि नारायणा में सबसे अधिक 10.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई (30.1 से घटकर 20 डिग्री तक)।
कहां कितना तापमान
जनकपुरी और पूसा में 7.9 डिग्री सेल्सियस और 9.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पूसा में अधिकतम 48 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। प्रगति मैदान, झड़ोदा कलां और नजफगढ़ में तापमान में 6.2 से 6.6 डिग्री सेल्सियस के बीच गिरावट दर्ज की गई। लोधी रोड पर 6.5 मिमी वर्षा हुई और तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस गिर गया। आयानगर में 8.9 डिग्री सेल्सियस और मयूर विहार में 7.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जहां दो मिमी वर्षा भी हुई। हालांकि, दिन में शहर में गर्मी का असर बना रहा और सफदरजंग स्थित वेधशाला में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस साल का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है।
राजधानी के सभी केंद्रों पर अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। पालम में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस अधिक है। रिज में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है। लोधी रोड में 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक है और आयानगर में 39.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है। अधिकांश केंद्रों पर न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहा। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक है, जबकि पालम में 25 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक है।
भाषा से इनपुट




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