दिल्ली को मिलेगी जाम से मिलेगी मुक्ति, PWD बनाने जा रहा 4 नए फ्लाईओवर; इन इलाकों को होगा फायदा
दिल्ली सरकार ने दिल्ली के चार प्रमुख हिस्सों में ट्रैफिक के भारी दबाव को कम करने के लिए एक बड़ी योजना बनाई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) लगभग 34 किलोमीटर के रोड स्ट्रेच को जाम मुक्त बनाने के लिए नए फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने जा रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैफिक की समस्या को कम करने और राजधानी की सड़कों को जाम मुक्त बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक मेगा प्लान तैयार किया है, जिसके तहत सरकार ने दक्षिण और उत्तरी दिल्ली की चार मुख्य सड़कों पर फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने की योजना बनाई है। इस बारे में जानकारी देते हुए शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया कि शहर की चार भारी भीड़भाड़ वाली सड़कों पर सफर को आसान व तेज बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा इंटीग्रेटेड रोड कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा।
इस दौरान विभाग द्वारा शहर के 4 प्रमुख मार्गों महरौली-महिपालपुर मार्ग जिसमें अरुणा आसफ अली रोड भी शामिल है (दक्षिणी दिल्ली), कांति नगर ब्रिज चौराहा (दक्षिणी दिल्ली), बवाना रोड (उत्तरी दिल्ली) और कंझावला चौक के पास फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक इन फ्लाईओवरों के निर्माण से शहर में कुल मिलाकर लगभग 34 किलोमीटर लंबी सड़क पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
शहर में इन चार प्रमुख सड़कों पर बनेगा फ्लाईओवर
1- महरौली-महिपालपुर मार्ग (दक्षिण दिल्ली)
लंबाई- लगभग 9 किलोमीटर
योजना- JNU कैंपस के पास अरुणा आसफ अली रोड को जोड़ने वाली इस सड़क पर ट्रैफिक कम करने के लिए विभाग एक फ्लाईओवर, एक अंडरपास और फ्लाईओवर के नीचे U-टर्न बनाने की योजना है। इससे महिपालपुर और महरौली के बीच लगने वाले भीषण जाम से राहत मिलेगी।
2- कांति नगर ब्रिज चौराहा से टेल्को टी पॉइंट (दक्षिणी दिल्ली)
लंबाई- लगभग 6 किलोमीटर
योजना- महिपालपुर रोड से जुड़े इस हिस्से पर वाहनों की धीमी गति और ट्रैफिक की भारी समस्या को हल करने के लिए PWD द्वारा एक फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा।
3- बवाना रोड (उत्तरी दिल्ली)
लंबाई- लगभग 9 किलोमीटर
योजना- यहां पीक और नॉन पीक ऑवर्स के दौरान भारी ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा एक फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा।
4- आउटर रिंग रोड (उत्तरी दिल्ली)
लंबाई- लगभग 10 किलोमीटर
योजना- कंझावला चौक से मंगोलपुरी तक एक फ्लाईओवर बनाने की योजना है। इसके लिए PWD 3.44 करोड़ रुपए की लागत से एक 'फिजिबिलिटी स्टडी' (व्यवहार्यता अध्ययन) शुरू कर रहा है। यह काम 4 से 5 महीनों तक चलेगा।

विभाग ने निर्माण के लिए टेंडर भी जारी कर दिए
योजना की जानकारी देते हुए PWD के एक अधिकारी ने कहा, 'इन चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव बहुत अधिक रहता है, जिससे अक्सर ट्रैफिक जाम लग जाता है। ट्रैफिक की आवाजाही को आसान बनाने के लिए अंडरपास या फ्लाईओवर बनाना एक सही उपाय लगता है। इस संबंध में एक टेंडर जारी कर दिया गया है।'
PWD मंत्री का निर्देश- समय सीमा में पूरा हो काम
लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने अपने विभाग में चल रहे इस इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर विकास प्रोजेक्ट्स के संबंध में हाल ही में अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की थी। जिसमें उन्होंने फ्लाईओवर, अंडरपास, फुट ओवरब्रिज और दूसरी इमारतों के डिजाइन का काम इंडियन रोड्स कांग्रेस के मानकों के हिसाब से तय समय सीमा के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए।
साढ़े सात करोड़ से फिजिबिलिटी टेस्ट कराएगी सरकार
प्राप्त जानकारी के अनुसार इन फ्लाईओवरों के निर्माण के लिए राज्य सरकार 7.30 करोड़ रुपए खर्च कर फिजिबिलिटी टेस्ट कराएगी, ताकि यह तय किया जा सके कि ट्रैफिक को कम करने के लिए कॉरिडोर में किस तरह के सुधार की जरूरत है, और यहां अंडरपास, फ्लाईओवर या दोनों में से क्या सही रहेगा।
इस योजना के अनुसार इमारतों और कब्ज़ों का सर्वे करने के अलावा, कंसल्टेंट इस योजना को लागू करने में आने वाली आर्थिक लागत, पर्यावरणीय लागत और सामाजिक लागत को ध्यान में रखते हुए, योजना का लागत-लाभ विश्लेषण भी करेंगे।




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